सम्राट चौधरी ने राजस्व भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव को हटाया, सीओ-आरओ हड़ताल का इफेक्ट?
सम्राट सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव IAS सीके अनिल का ट्रांसफर कर उन्हें वापस बिहार राज्य योजना पर्षद में परामर्शी (सलाहकार) बनाकर भेज दिया है। लंबे समय से चल रही अंचलाधिकारी (सीओ) और राजस्व पदाधिकारियों की हड़ताल को इस प्रशासनिक बदलाव की वजह माना जा रहा है।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल को पद से हटा दिया है। ट्रांसफर कर उन्हें बिहार राज्य योजना पर्षद में वापस भेज दिया गया है। नई व्यवस्था में सीके अनिल की जगह जय सिंह को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। जय सिंह अभी इसी विभाग में सचिव पद पर तैनात हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। सम्राट सरकार की ओर से सीके अनिल का तबादला करने की वजह नहीं बताई गई है। माना जा रहा है कि लंबे समय से चल रही अंचलाधिकारी (सीओ) और राजस्व पदाधिकारियों एवं कर्मियों की हड़ताल के चलते यह कदम उठाया गया है।
सीके अनिल 1991 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी हैं। पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार का गठन हुआ था, तब उन्हें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की कमान सौंपी गई थी। इससे पहले वह बिहार राज्य योजना पर्षद में परामर्शी पद पर तैनात थे। अब सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए सरकार का गठन हुआ, तो उन्हें फिर से बिहार राज्य योजना पर्षद में भेज दिया गया है।
5 महीने पहले ही हुई थी सीके अनिल की पोस्टिंग
सीके अनिल सीनियर आईएएस अफसर हैं। उनकी गिनती तेज-तर्रार अधिकारियों में होती रही है। हालांकि, उनके राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की मिलने के बाद विभाग में हड़ताल का दौर शुरू हो गया। पहले बड़ी संख्या में राजस्व कर्मचारी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए। फिर राजस्व पदाधिकारियों ने अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर जाने का ऐलान कर दिया। 8 मार्च से अंचलाधिकारी (सीओ) भी हड़ताल पर चले गए।
बड़ी संख्या में पदाधिकारियों एवं कर्मियों के हड़ताल पर जाने से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में काम का लोड बढ़ गया। राज्य के अंचलों में जमीन निबंधन और उससे संबंधित जनता के अन्य काम अटक गए। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पूर्व की नीतीश सरकार में इस विभाग के मंत्री रहे तत्कालीन डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कई बार हड़ताली पदाधिकारियों को चेतावनी दी, अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की। इसके बाद कई सीओ-आरओ काम पर लौट गए, लेकिन सैकड़ों पदाधिकारी अब भी अपनी मांगों पर डटे हुए हैं।
मुख्यमंत्री के पास है राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव पद पर तैनात रहे आईएएस सीके अनिल का अचानक ट्रांसफर सीओ-आरओ की हड़ताल से ही जोड़कर देखा जा रहा है। राज्य में जनगणना का काम भी चल रहा है। ऐसे में हड़ताल खत्म नहीं होने से सरकार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल, विभाग में सीके अनिल के जूनियर रहे जय सिंह को इस प्रधान सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह विभाग अभी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास ही है।
कृपया अपने अनुभव को रेट करें
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


