बिहार में बदलेंगे कई डीएम, इन जिलों में लंबे समय से तैनात अफसर; सम्राट सरकार करेगी ताबड़तोड़ ट्रांसफर
बिहार में आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल होगा। कई जिलों के डीएम भी बदले जाएंगे। इसके अलावा विभागों में सचिव समेत अन्य स्तर के भी तबादले किए जा सकते हैं। सामान्य प्रशासन विभाग इसकी तैयारी कर रहा है।
बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार प्रशासनिक रूप से बड़ा फेरबदल करने जा रही है। आने वाले दिनों में जिलों से लेकर विभागीय स्तर तक ताबड़तोड़ अधिकारियों के ट्रांसफर किए जाएंगे। कई जिलों के डीएम (जिलाधिकारी) भी बदले जाएंगे। भागलपुर, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर समेत कुछ जिले ऐसे हैं, जहां लंबे समय से आईएएस अफसर डीएम के रूप में तैनात हैं। इसके अलावा, जनता की समस्याओं का समाधान करने में विफल रहने वाले अफसरों का भी तबादला किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, सम्राट सरकार ने फैसला लिया है कि थाना, प्रखंड और अंचल स्तर तक की निगरानी मुख्यमंत्री सचिवालय के स्तर से होगी। ताकी आम नागरिकों के अधिकारियों के प्रति किसी भी तरह की कोताही ना बरती जा सके। इसके लिए ग्राउंड स्तर पर सक्षम अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।
जिन जिलों में अधिकारी जनता के कामों को सही ढंग से करने में असफल रहे हैं, उन्हें हटाकर दूसरे अफसर को वहां लगाया जाएगा। यह बदलाव खासकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) स्तर के अधिकारियों में होगा। इसके तहत कई जिलों में मौजूद डीएम को हटाकर उनकी जगह नए जिलाधिकारियों की तैनाती की जाएगी।
इन जिलों में लंबे समय से जमे डीएम
बिहार में कुछ जिले ऐसे हैं जहां लंबे समय से जिलाधिकारियों का तबादला नहीं हुआ है। पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में 3 साल से डीएम नहीं बदला गया है। IAS सौरभ जोरवाल साल 2023 से यहां के जिलाधिकारी पद पर तैनात हैं। इसके अलावा, भागलपुर में नवल किशोर चौधरी, मुजफ्फरपुर में सुब्रत कुमार सेन, भोजपुर में तनय सुल्तानिया, जहानाबाद में अलंकृता पांडे, किशनगंज में विशाल राज, नवादा में रवि प्रकाश, रोहतास (सासाराम) में उदिता सिंह, समस्तीपुर में रोशन कुशवाहा और सीतामढ़ी में रिची पांडेय साल 2024 से डीएम पद पर तैनात हैं।
ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर होंगे ट्रांसफर
बिहार में नई सरकार के गठन के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने आईएएस अधिकारियों की पोस्टिंग का ब्योरा लेना शुरू कर दिया है. खासकर आईएएस अधिकारियों की उपलब्धियों और कार्यक्षमता की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके आधार पर तबादले की तैयारी की जा रही है। जिन अफसरों का ट्रैक रिकॉर्ड ठीक नहीं होगा, उनका ट्रांसफर तय माना जा रहा है। प्रशासनिक फेरबदल सम्राट कैबिनेट के विस्तार के बाद होने की संभावना है।
बिहार को मिलने जा रहे नए आईएएस
बिहार को आगामी दो महीने के भीतर 16 नए आईएएस अधिकारी भी मिलने जा रहे हैं। ये बिहार प्रशासनिक सेवा (बिप्रसे) से भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रमोट होने वाले अधिकारी होंगे। बिहार में अभी आईएएस के 49 पद खाली हैं। वर्तमान में आईएएस अधिकारियों के कुल स्वीकृत पद 359 हैं, जिसके मुकाबले 310 अफसर ही तैनात हैं।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


