केदार की मुखिया से शुरुआत तो रमा पहले वार्ड पार्षद बनीं, सम्राट कैबिनेट में मुजफ्फरपुर से 2 मंत्री
नीतीश कुमार के बाद सम्राट चौधरी की सरकार में मंत्री बनने वाले केदार गुप्ता ने अपने करियर की शुरुआत मुखिया के तौर पर की थी। रमा निषाद ने पहला चुनाव हाजीपुर नगर क्षेत्र में वार्ड पार्षद के रूप में जीता। हालाँकि, वह सभापति बन गईं।

Samrat Cabinet Expansion: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सामने सम्राट चौधरी मंत्रीमंडल में जिले से दो विधायकों ने गुरुवार को मंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ एक बार फिर से जिले से मंत्री बननेवालों की संख्या एक से बढ़ गई है। इनमें मल्लाह जाति से आनेवाली रमा निषाद औराई से पूरे प्रदेश में रिकॉर्ड मतों से जीत कर विधान सभा पहुंची हैँ। उन्होंने नवंबर 2025 में भी नीतीश सरकार में अपनी जगह बनाई थी। जबकि केदार गुप्ता भी कुढ़नी विधान सभा से अपने प्रतिद्वंदी और राजद उम्मीदवार को कांटे की टक्कर में हरा विधायक बनने में सफल रहे।
नीतीश कुमार के बाद सम्राट चौधरी की सरकार में मंत्री बनने वाले केदार गुप्ता ने अपने करियर की शुरुआत मुखिया के तौर पर की थी। पूर्व मंत्री सुरेश शर्मी के साथ बीजेपी की राजनीति करने वाले केदार गुप्ता को नीतीश कुमार ने महागठबंधन से अलग होने के बाद बनी सरकार में पंचायती राज मंत्री बनाया। हालांकि, 2025 में जब उनके नेतृत्व में सरकार बनी तो केदार गुप्ता का पत्ता कट गया। बिहार की पहली भाजपा सरकार में उन्हें एक बार फिर से जगह मिल गई है।
जहां तक रमा निषाद के राजनैतिक सफर की बात है उन्होंने पहला चुनाव हाजीपुर नगर क्षेत्र में वार्ड पार्षद के रूप में जीता। हालाँकि, वह सभापति बन गईं। पिछली बार शपथ लेते समय आजादी के बाद मुजफ्फरपुर से मंत्री बनाई जानेवाली पहली महिला विधायक बनी थीं। अब लगातार दो मुख्यमंत्रियों के मंत्रमंडल में स्थान बनाने वाली पहली महिला हो गईं।
रमा निषाद ने ससुर से सीखी राजनीति
शपथ ग्रहण के अविस्मरणीय पलों को साझा करते हुए रमा ने हिन्दुस्तान से गुरुवार को अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि शादी के बाद वे गैस एजेंसी के संचालन से जुड़ी। इस दौरान घर में राजनीतिक और सामाजिक माहौल देख समाज सेवा से जुड़ गईं। इसके लिए एक एनजीओ भी बनाया। बाद में 1996 में जब श्वसुर कैप्टेन जयनारायण प्रसाद निषाद मुजफ्फरपुर से संसदीय चुनाव में भाग्य आजमा रहे थे, उनके चुनाव प्रबंधन से जुड़ी। जो राजनीति से जुड़ाव का उनका पहला मौका था। यह सिलसिला बाद के वर्षों में उनके हर चुनाव में जारी रहा। इसके बाद पति अजय निषाद के भी प्रत्येक संसदीय चुनावी प्रबंधन को भी देखती रही। वे सक्रिय राजनीति में 2007 में हाजीपुर नगर परिषद के लिए हुए चुनाव के समय कदम रखी।
पार्षद से सभापति चुनी गई
रमा निषाद कहती हैं कि पहले ही प्रयास में वे पार्षद तो बनी ही, निर्विरोध हाजीपुर नगर क्षेत्र में सभापति भी चुनी गई। वे 2012 में फिर से सभापति और 2017 में सभापति का पद आरक्षित होने के कारण उप सभापति पद पर निर्वाचित हुई। इसके अलावा वे जिला योजना समिति और जिला बीस सूत्री कार्यक्रम में बतौर सदस्य शामिल होकर विकास योजनाओं को मूर्त रूप देती रहीं। कहा कि अब सक्रिय राजनीति में आने के साथ ही इतनी बड़ी जवाबदेही मिली है, यह निश्चित तौर पर गर्व का क्षण है।
(मुजफ्फरपुर से वरीय संवाददाता अजय पांडे की रिपोर्ट)
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Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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