सम्राट कैबिनेट विस्तार में जदयू से किस-किस की लगेगी लॉटरी, संभावित मंत्रियों में नए चेहरे कौन?
सम्राट कैबिनेट में नीतीश कुमार की पार्टी जदयू कोटे से 10-12 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। पुरानी कैबिनेट के चेहरों को रिपीट किया जा रहा है, जबकि कुछ नए चेहरे भी शपथ लेंगे। निशांत कुमार के अलावा संभावित मंत्रियों के नामों की सूची में किस-किस का नाम है, यहां देखें।

बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार में अब कुछ घंटों का समय बचा है। नई सरकार में पूर्व सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) से कौन-कौन मंत्री बनेगा, इसकी संभावित सूची सामने आई है। जदयू से कुछ नए चेहरे भी हैं, जिन्हें सम्राट सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है। कैबिनेट विस्तार में नीतीश की पार्टी जातिगत एवं सामाजिक समीकरणों को भी साधने की कोशिश करेंगे। जदयू अध्यक्ष नीतीश के बेटे निशांत कुमार के नाम भी संभावित मंत्रियों की सूची में आया है, फाइनल मुहर अभी बाकी है।
नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार 7 मई को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित होगा। राज्यपाल सैयद अता हसनैन सभी नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। दरअसल, नीतीश कुमार के सीएम पद छोड़ने के बाद पिछले महीने जब नई सरकार का गठन हुआ था, तब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जेडीयू से दो डिप्टी सीएम विजय चौधरी एवं बिजेंद्र यादव ने ही शपथ ली थी। अब कैबिनेट विस्तार में जदयू के अलावा भाजपा, लोजपा-आर, हम और रालोमो से मंत्री बनाए जा रहे हैं।
भाजपा-जदयू की हिस्सेदारी बराबर
सम्राट कैबिनेट में 16-16 पद भाजपा एवं जदयू के पास रहेंगे। दो पद चिराग पासवान की पार्टी लोजपा-रामविलास के रहेंगे। वहीं, जीतनराम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो से एक-एक मंत्री होंगे। जदयू कोटे से दो-तीन पद खाली रखे जा सकते हैं। गुरुवार को होने वाले कैबिनेट विस्तार में नीतीश की पार्टी से 10-12 नेताओं को शपथ दिलाए जाने की चर्चा है। पार्टी के दो नेता पहले ही डिप्टी सीएम पद की शपथ ले चुके हैं।
पुराने चेहरे रिपीट होंगे
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व में जब सरकार का गठन हुआ था, उस समय मंत्री बनाए गए जदयू के सभी चेहरों को सम्राट मंत्रिमंडल में भी रिपीट किया जाएगा। किसी का नाम ड्रॉप नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा 4-5 चेहरों को भी सम्राट कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है।
नए चेहरे कौन-कौन
जदयू के संभावित मंत्रियों की जो सूची रिपोर्ट्स में बताई जा रही है, उसमें श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, जमा खान और सुनील कुमार का नाम शामिल है। ये सभी पिछली नीतीश कैबिनेट में भी मंत्री थे। इसके अलावा, नए चेहरों में शीला मंडल, रत्नेश सदा, निशांत कुमार, दामोदर रावत, बुलो मंडल और भगवान सिंह कुशवाहा का नाम भी चल रहा है। इनमें से रत्नेश सदा और भगवान सिंह कुशवाहा पूर्व में मंत्री रह चुके हैं।
जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने संभावित मंत्रियों की सूची बुधवार को पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार को सौंप दी है। नीतीश की फाइनल मुहर के बाद जो सूची रहेगी, वे नेता गुरुवार को मंत्री पद की शपथ लेंगे। संजय झा और ललन सिंह ने निशांत का नाम भी इस सूची में रखा है।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


