मिडिल क्लास के लिए सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला, अब 4 लाख तक आय वालों को भी मुफ्त इलाज
बिहार में अब 4 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले परिवारों को भी मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। सम्राट कैबिनेट की बैठक में मिडिल क्लास परिवारों को राहत देते हुए यह अहम फैसला लिया गया।
बिहार की सम्राट कैबिनेट ने मध्यमवर्गीय (मिडिल क्लास) परिवारों के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य में अब सालाना 4 लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। पहले यह सीमा ढाई लाख ही थी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट में इसे बढ़ाकर 4 लाख किए जाने पर मुहर लगाई गई। आय सीमा बढ़ने से इसका सीधा लाभ बिहार के लाखों मध्यमवर्गीय परिवारों को सीधे तौर पर मिलेगा।
सम्राट सरकार ने राज्य के मध्यम और निम्न आय वर्ग के मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ देने के लिए यह महत्वपूर्ण नीतिगत फैसला लिया। सरकार ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से इलाज के लिए मिलने वाले अनुदान की पात्रता शर्तों में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पूर्व से निर्धारित वार्षिक आय सीमा को 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 4 लाख रुपये कर दिया है।
इस फैसले का मुख्य उद्देश्य राज्य के अधिक से अधिक जरूरतमंद मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस प्रशासनिक निर्णय के बाद अब राज्य का एक बड़ा कामकाजी और मध्यम वर्ग भी इस सरकारी सहायता के दायरे में आ सकेगा, जो पहले मामूली रूप से अधिक आय होने के कारण इस मुफ्त इलाज योजना से वंचित रह जाता था।
कैबिनेट बैठक में 13 एजेंडों पर मुहर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार को कुल 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के क्रियान्वयन के लिए 164.51 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। भारत सरकार द्वारा योजना की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया है। योजना के तहत सूक्ष्म खाद्य उद्योग स्थापित करने वाले व्यक्तिगत निवेशकों और उद्यमियों को परियोजना लागत का 35 प्रतिशत, अधिकतम 10 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। समूह आधारित इकाइयों को भी 35 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान का लाभ मिलेगा।
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लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


