बीरपुर एयरपोर्ट के लिए 29 करोड़, 1100 लोगों को सोमनाथ यात्रा कराएगी सरकार; सम्राट कैबिनेट के 29 फैसले
सम्राट कैबिनेट ने बीरपुर एयरपोर्ट को विकसित करने के लिए 29 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट जारी किया है। वहीं, इस महीने 1100 लोगों को बिहार सरकार अपने खर्च पर सोमनाथ यात्रा कराएगी। बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 29 एजेंडों पर मुहर लगाई गई है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार 1 जुलाई को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में 29 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बिहार सरकार अपने खर्च पर 1100 लोगों को सोमनाथ यात्रा कराएगी। वहीं, सुपौल जिले के बीरपुर एयरपोर्ट के लिए अतिरिक्त 29 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई है। राज्य के 31 बस स्टैंड को आधुनिक सुविधाओं के तहत विकसित करने को भी कैबिनेट से सैंद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा बिहार में 5 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए जमीन को भी हरी झंडी दे दी गई है।
बिहार में पत्थर भूखंडों की बंदोबस्ती ई नीलामी के जरिए कराने का अधिकार अब समाहर्ता को दिया गया है। सम्राट कैबिनेट ने इस पर मुहर लगा दी। वहीं, बक्सर सेंट्रल जेल की जमीन पर बने वामन मंदिर को कारा परिसर से अलग किया जाएगा। साथ ही मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
1100 लोगों को सोमनाथ यात्रा कराएगी बिहार सरकार
बिहार सरकार अपने खर्च पर राज्य के 1100 श्रद्धालुओं को गुजरात के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग सोमनाथ की यात्रा कराएगी। सम्राट कैबिनेट की बैठक में इसके लिए ढाई करोड़ रुपये के बजट की स्वीकृति दी गई। कला एवं संस्कृति विभाग ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष में 20 जुलाई 2026 को दो दिवसीय यात्रा कराने का फैसला लिया है।
पटना चिड़ियाघर में नए पदों का सृजन
पटना जू में 23 नए पदों के सृजन की मंजूरी दी गई है, इसमें एक नियमित और 22 संविदा आधारित पद हैं। वहीं, पूर्व में सृजित 29 पदों के प्रत्यर्पण का फैसला लिया गया है।
31 बस अड्डों का होगा कायाकल्प
बिहार के 31 बस स्टैंड को पीपीपी मोड पर विकसित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति सम्राट कैबिनेट ने दी है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के अधीन इन बस अड्डों का आधुनिक सुविधाओं के साथ विकास किया जाएगा।
5 केंद्रीय विद्यालयों को जमीन
पूर्णिया, राजगीर, मधेपुरा, मधुबनी और शेखपुरा में नए केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए जमीन का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार, केंद्र को 30 साल के लिए जमीन लीज पर देगी। बिहार कैबिनेट ने इस पर मुहर लगा दी है।
पंचायतों को मिलेंगे 51 हजार करोड़ रुपये
16वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आधार पर अगले 4 सालों में केंद्र सरकार से 51 हजार 923 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा, उसे त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के बीच वितरण किया जाएगा।
सम्राट कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले-
- पटना नगर निगम 200 करोड़ रुपये तक का निगम बॉन्ड जारी करेगा।
- गन्ना यंत्रिकरण योजना और बीज विकास योजना को मंजूरी
- बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज, 2025 की अवधि को आगे बढ़ा दिया गया है, नई औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति लागू होने तक पुरानी पॉलिसी ही जारी रहेगी।
- गयाजी जिले के डोभी में इंडस्ट्रियल कॉरोडीर प्रोजेक्ट के तहत डोभी मोड़ से चंदाग्रम होते हुए वभनदेव जंगल के पास पक्की सड़क तक फोरलेन निर्माण के लिए जमीन हस्तांतरण को मंजूरी।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


