भोजपुर में एक्वा पार्क, कैमूर में डेयरी प्लांट, BPSC से अफसर की सीधी भर्ती; सम्राट कैबिनेट के 13 फैसले
सम्राट कैबिनेट ने बुधवार को 13 अहम फैसले लिए। इसके तहत भोजपुर में एक्वा पार्क बनाया जाएगा। कैमूर में डेयरी प्लांट के लिए जमीन दी जाएगी। बीपीएससी बाल विकास परियोजना के अफसरों की सीधी भर्ती करेगा। दरभंगा एम्स की जमीन को समतल करने और मिट्टी भराई पर भी अहम निर्णय लिया गया।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में कुल 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। भोजपुर जिले में इंटिग्रेटेड एक्वा पार्क बनाया जाएगा। कैमूर में डेयरी प्लांट और औरंगाबाद के नबीनगर में नए आईटीआई की स्थापना की जाएगी। साथ ही बिहार बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के पदों पर बीपीएससी सीधी भर्ती करेगा। इसके अलावा दरभंगा एम्स के निर्माण में तेजी लाने के लिए भी सम्राट कैबिनेट ने अहम निर्णय लिया है।
दरभंगा एम्स के लिए चयनित भूखंड को समतल और मिट्टी भराई करने की जिम्मेदारी अब जल संसाधन विभाग को सौंप दी गई है। इसके तहत निकटवर्ती नदियों के उड़ाहीकरण से निकलने वाली मिट्टी और गाद का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही, बिहार स्वास्थ्य सेवा संवर्ग के डॉक्टरों और दंत चिकित्सकों को उच्च शिक्षा या अन्य विशिष्ट प्रायोजनों के लिए शर्तों के अधीन अनापत्ति देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
दो उद्योगों को हरी झंडी
बिहार कैबिनेट ने उद्योग के क्षेत्र में भी कुछ एजेंडों पर मुहर लगाई गई है। बक्सर जिले के नवानगर औद्योगिक क्षेत्र में मेसर्स वरुण वेवरेजेस लिमिटेड को वित्तीय प्रोत्साहन क्लीयरेंस की स्वीकृति दी गई है। मधुबनी के राजनगर रेलवे स्टेशन के पास परिहारपुर में मेसर्स लीप एग्री लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड को बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2016 के तहत वित्तीय क्लीयरेंस की हरी झंडी मिली है।
नबीनगर में आईटीआई इसी साल शुरू होगी
राज्य सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार और तकनीकी प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से औरंगाबाद के नबीनगर में नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) की स्थापना का फैसला लिया है। इसी साल यहां पर 5 व्यावसायिक कोर्स का प्रशिक्षण शुरू होगा। इसके लिए रेलवे बिजली कंपनी द्वारा निर्मित परिसर राज्य सरकार को मुफ्त में मिलेगा और हर साल 211.89 लाख रुपये के खर्च के साथ 38 नए पदों का सृजन किया जाएगा।
नए पदों का सृजन
बिहार कौशल विकास मिशन के प्रभावी प्रबंधन के लिए 19 नए पदों के सृजन और सालाना 224.37 लाख व्यय की स्वीकृति कैबिनेट ने दे दी है। प्रशासनिक सुधार के तहत 'बिहार सूचना प्रावैधिकी सेवा नियमावली, 2026' और 'बिहार बाल विकास सेवा (भर्ती एवं सेवा शर्त) (संशोधन) नियमावली, 2026' के गठन को भी हरी झंडी दी गई है।
बीपीएससी से होगी अफसरों की सीधी बहाली
वर्तमान व्यवस्था के तहत बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के 25 प्रतिशत पद नियमित महिला सुपरवाइजर के प्रमोशन के माध्यम से भरे जाने का प्रावधान है। हालांकि, पर्याप्त संख्या में नियमित महिला सुपरवाइजर उपलब्ध नहीं होने के कारण इन पदों पर नियुक्ति नहीं हो पा रही थी। इससे आईसीडीएस निदेशालय की विभिन्न योजनाओं का काम अटका हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने एक बार के लिए नियमों में ढिलाई दी है। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के पदों को बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के माध्यम से सीधी नियुक्ति से भरा जाएगा।
भोजपुर में एक्वा पार्क, कैमूर में डेयरी प्लांट
सम्राट कैबिनेट ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत भोजपुर जिले के बाणासुर में 31.20 करोड़ रुपये की लागत से 'इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क' की स्थापना करने की हरी झंडी दे दी है। इसमें केंद्र और राज्य का हिस्सा शामिल है। वहीं, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा कैमूर जिले के मोहनियां अंचल के मौजा-दादर में 7 एकड़ जमीन डेयरी एवं दुग्ध उत्पादन प्लांट के निर्माण के लिए पशु संसाधन विभाग को मुफ्त ट्रांसफर की जाएगी। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी।
बिजली उपभोक्ताओं को राहत
नॉर्थ और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के तहत द्वि-स्तरीय उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के गठन के लिए मुख्य अभियंता और विद्युत अधीक्षण अभियंता के 2-2 नए पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। इससे बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का जल्द समाधान हो सकेगा।
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लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


