आशिक के लिए पति को चलती ट्रेन में मरवाने वाली समिता की नौकरी पर संकट, निलंबन की प्रक्रिया शुरू
आशिक के लिए पति को चलती ट्रेन में मरवाने वाली परिवहन विभाग की एमवीआई समिता कुमार और उसके कथित प्रेमी राजू उर्फ धीरज को सरकारी नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। विभाग ने समिता के निलंबन की प्रक्रिया शुरू भी कर दी है।

चलती ट्रेन में पति देव कुमार गुंजन की सुपारी किलर से हत्या करवाने वाली पत्नी समिता कुमारी की सरकारी नौकरी अब खतरे में है। बिहार के सुपौल में परिवहन विभाग के मोटरयान निरीक्षक (एमवीआई) के पद पर तैनात समिता के निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अदालत में दोषी पाए जाने पर उसे नौकरी से भी बर्खास्त किया जा सकता है। समिता ने अपने कथित प्रेमी धीरज के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी। धीरज भी बिजली विभाग में टेक्नीशियन है। बीते 11 जून को देव गुंजन की खगड़िया जिले में मानसी के पास जनसाधारण एक्सप्रेस ट्रेन में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड की गुत्थी सुलझने के बाद अब इस मामले का असर दोनों मुख्य आरोपियों की सरकारी नौकरी पर पड़ने वाला है।
कटिहार के रेल एसपी हरि शंकर कुमार ने बताया कि गिरफ्तार समिता और धीरज को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस मामले की जानकारी संबंधित विभागों को भेज दी गई है। रेलवे पुलिस की ओर से परिवहन विभाग और बिजली विभाग को लिखित सूचना भी भेजी जा रही है, ताकि विभागीय स्तर पर दोनों सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू की जा सके।
11 जून को हुई थी हत्या, चार्जशीट जल्द
एसआरपी ने बताया कि इस बहुचर्चित हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट दायर की जाएगी। बता दें कि 11 जून को मानसी और बदला घाट रेलवे स्टेशन के बीच जनसाधारण एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे बिजली कर्मी देव कुमार गुंजन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
शुरुआती जांच में इसे लूट या सामान्य आपराधिक घटना माना जा रहा था, लेकिन रेल पुलिस ने हत्या की साजिश का पर्दाफाश करते हुए देव गुंजन की पत्नी सह मोटर यान निरीक्षक समिता और उसके कथित प्रेमी सह बिजली टेक्नीशियन धीरज कुमार सहित के अलावा सुपारी किलर राजू उर्फ धीरज कुमार की संलिप्तता उजागर की। अब इस चर्चित हत्याकांड में कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ विभागीय कार्रवाई की तलवार भी आरोपियों पर लटक गई है।
समिता का सस्पेंशन तय
सुपौल के जिला परिवहन पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार सज्जन ने बताया कि रेल एसपी कटिहार से एफआईआर की कॉपी मांगी गई है। जब भी किसी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ 24 घंटे या उससे ज्यादा समय तक निरुद्धात्मक कार्रवाई की जाती है, तो वह स्वत: निलंबित हो जाता है। कटिहार रेल एसपी के द्वारा एफआईआर की रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग को एमवीआई समिता कुमारी के निलंबन के लिए लिखा जाएगा।
तीन और आरोपियों की पुलिस को तलाश
रेल पुलिस के मुताबिक देव गुंजन हत्याकांड की जांच में तीन और बदमाशों के शामिल होने के सबूत मिले हैं। फिलहाल वे फरार चल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए गठित एसआईटी लगातार छापेमारी कर रही है।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


