अनदेखी: वार्ड-15 में टूटी पाइपलाइन और अंधेरे में डूबी गलियां बनीं मुसीबत
वार्ड 15 में जन सुविधाओं की कमी है। यहाँ के लोग अच्छी सड़क और जलापूर्ति की समस्या का सामना कर रहे हैं। जलसंकट से जूझते हुए लोग कई बार नगर निगम में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन सुविधाएँ नहीं मिल रही हैं। स्थानीय लोगों ने बेहतर सुविधाओं के लिए प्रशासन से सहयोग की अपील की है।

गर निगम के वार्ड 15 में जन सुविधाओं की काफी कमी है। शहर के बीचोंबीच स्थित इस मोहल्ले और आसपास के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। बड़ी आबादी होने के बावजूद इस इलाके के लोगों को अच्छी सड़क तक नसीब नहीं हो पा रही है। मुख्य मार्ग तो बेहतर तरीके से बना हुआ है लेकिन गलियों में जाने वाली सड़क पर लोगों को आवागमन में फजीहत झेलनी पड़ती है। स्थिति यह है कि बरसात के दिनों में तो इस सड़क से होकर जाने के लिए लोगों को कई बार सोचना पड़ता है। वार्ड पार्षद ने बताया कि काफी दिनों से जलसंकट की समस्या से जनता जूझ रही है।
इसको लेकर कई बार नगर निगम में शिकायत करने के बाद भी लोगों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने में निगम फेल है। इसका खामियाजा पार्षद को झेलना पड़ता है। वार्ड की समस्याओं को लेकर नगर निगम समेत मंत्री व विधायक तक की गई ताकि कम से कम लोगों को शुद्ध पानी मिल सके। लेकिन यह भी अब तक सही से उपलब्ध नहीं हो सका है। वार्ड के लोगों को जलापूर्ति की समस्या से निजात नहीं मिल सकी है। बाजार से सटे व व्यस्ततम सड़कों में शामिल समस्तीपुर-रोसड़ा पथ और नाला लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। उन्होंने बताया कि पानी की पाइपलाइन कई जगहों पर क्षतिग्रस्त होने से पिछले कई महीनों से जलापूर्ति प्रभावित है। स्थानीय गणेश साह बताते हैं कि दुकान के पास ट्रांसफॉर्मर लगा है। इससे हमेशा स्पार्किंग होती रहती है और भय बना रहता है। सुनीता देवी ने बताया कि मुख्य सड़क पर लगने वाले जाम और कूड़े के ढेर की सफाई के लिए व्यवस्था की जानी चाहिए, जिससे स्थानीय लोगों के साथ इस मार्ग से आवागमन करने वालों को परेशानी नहीं हो। नगर निगम में रहने के बावजूद जो सुविधा मिलनी चाहिए वो नहीं मिल रही है। कई लोगों ने बताया कि सड़क निर्माण, जाम हो चुके नाले की उड़ाही, नाले की नियमित सफाई, कूड़ा उठाव, फॉगिंग, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और जलजमाव की समस्या का स्थायी निदान करना आवश्यक है। जिसके लिए जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन, सभी जनप्रतिनिधियों व संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ आम जनता को भी सहयोगी बनना पड़ेगा। इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस गश्ती दल द्वारा पेट्रोलिंग करने के साथ जगह-जगह कैमरा लगवाया जाना चाहिए। सुमित कुमार बताते हैं कि वार्ड में कूड़ेदान की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके कारण लोगों को सड़क किनारे कूड़ा फेंकना पड़ता है। स्थानीय निवासी रवि कुमार ने बताया कि अतिक्रमण के कारण मुख्य सड़क संकरी हो गई है, जिससे बड़े वाहनों को आने में दिक्कत होती है। आसपास के इलाके में पानी की समस्या भी लोगों की परेशानी का बड़ा कारण है। इस इलाके के करीब सौ घर के लोग सप्लाई वाटर पर निर्भर हैं, लेकिन समय पर पानी नहीं चलने के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी होती है। रेश्मा सिंह ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या पानी की है, जिसको देखते हुए नगर निगम द्वारा प्याऊ की व्यवस्था होनी चाहिए।
बोले जिम्मेदार--
कम संसाधन के बावजूद नगर निगम शहर को स्वच्छ रखने के लिए हर स्तर पर प्रयासरत है। वार्ड में कूड़ा का उठाव ससमय कराया जाता है। गलियों के भीतर भी जो समस्याएं हैं उसके निदान को लेकर सार्थक पहल की जाएगी। शहर में लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके, इसको लेकर जरूरी है कि सबको एकसाथ चलना होगा। -अनिता राम, मेयर
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


