
डेयरी व मुर्गी फार्म रोजगार को मिलेगा बल
उत्तर बिहार में पशु चिकित्सा महाविद्यालय खुलने से डेयरी और मुर्गी फार्म के रोजगार में विस्तार होगा। नस्ल सुधार और रोगों के त्वरित निदान से पशुधन की मृत्युदर में कमी आएगी। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे।
पूसा। पशु चिकित्सा महाविद्यालय खुलने से उत्तर बिहार के क्षेत्र में डेयरी व मुर्गी फार्म जैसे रोजगार विस्तार हो सकेगा। इसकी मदद से नस्ल सुधार के साथ रोगों के तुरंत निदान व ईलाज से पशुधन की मृत्युदर में कमी आयेगी। स्वस्थ पशु अधिक दूध उपलब्ध करायेगा। जो किसानों को आर्थिक रूप से सबल बनायेगा। वहीं बकरी पालन, मुर्गी पालन जैसे रोजगार का विस्तार लोगों खासकर युवाओं व ग्रामीण महिलाओं को इससे जुड़कर रोजगार के लिए प्रेरित करेगा। युवा पीढ़ी डिप्लोमा, डिग्री जैसे रोजगारन्मुख कोर्स के माध्यम से अपने कैरियर को संवार सकेंगे। इस कड़ी में पशुओं के ईलाज, सर्जरी और देखभाल जैसे कार्य स्वरोजगार के अवसर बढ़ायेगा।
डेयरी में यह क्षेत्र में काफी आगे है। वर्तमान में प्रखंड व आसपास के क्षेत्रों में कई डेयरी संचालक दूध के उत्पादन अपने ब्रांडो से बाजार में खाध सामाग्री बनाकर बेच रहे हैं। एैसे कार्यो को और अधिक बल मिलेगा। एैसे कार्यो के विस्तार से व्यवसायी के अलावा उसमें लगने वाले सामाग्री बिक्रेता भी लाभान्वित होंगे। मुर्गी फार्म के विस्तार से मुर्गी दाना, एक-दूसरे स्थलो पर लाने-ले जाने के लिए वाहन, रखरखाव के लिए अन्य संसाधन का उपयोग होगा। यह हालात इससे जुड़े अन्य क्षेत्र में होगा। जहां पशुओं के लिए चारा से लेकर अन्य संसाधनो से जुड़े लोग भी लाभान्वित होंगे।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




