कोचिंग जा रही छात्रा को बालू लदे हाइवा ने कुचला, मौत
रोसड़ा में मंगलवार की सुबह एक सड़क हादसे में कोचिंग जा रही छात्रा निकिता कुमारी की मौत हो गई, जबकि उसकी दो सहेलियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। ग्रामीणों ने शव के साथ सड़क जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रशासन ने मुआवजे का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ।

रोसड़ा। समस्तीपुर-रोसड़ा मुख्य पथ पर मंगलवार की अहले सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में कोचिंग जा रही एक छात्रा की मौत हो गई, जबकि उसकी दो सहेलियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव के साथ सड़क जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब चार घंटे तक यातायात बाधित रहा। बाद में अधिकारियों के आश्वासन और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद जाम समाप्त हुआ। घटना रहुआ सेंटर चौक के सुबह करीब छह बजे हुई। बताया जाता है कि रहुआ वार्ड संख्या-08 निवासी सत्तो पासवान की 16 वर्षीय पुत्री निकिता कुमारी अपनी दो सहेलियों के साथ कोचिंग के लिए जा रही थी। इसी दौरान बालू लदा एक तेज रफ्तार हाइवा अनियंत्रित होकर छात्राओं की ओर बढ़ गया। निकिता हाइवा की चपेट में आ गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वहीं उसकी दो सहेलियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों में उमेश पंडित की बेटी नेहा कुमारी (17 वर्ष) रमाकांत सहनी की पुत्री शांति कुमारी (17 वर्ष) शामिल हैं। दोनों का इलाज स्थानीय निजी क्लीनिक में कराया गया।
ग्रामीणों का आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने चालक को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। आक्रोशित लोगों का आरोप था कि रहुआ सेंटर चौक से रामजानकी मंदिर तक करीब 300 मीटर का हिस्सा दुर्घटना संभावित क्षेत्र (ब्लैक स्पॉट) है। यहां तीखा मोड़ होने के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं। कई बार जनप्रतिनिधियों के माध्यम से स्पीड ब्रेकर निर्माण और सुरक्षा उपायों की मांग की गई, लेकिन प्रशासन ने कोई पहल नहीं की। जामस्थल पर डटे ग्रामीण मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने तथा घटनास्थल पर शीघ्र स्पीड ब्रेकर निर्माण कराने की मांग पर अड़े थे। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी लोगों को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन आक्रोशित लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। समय बीतने के साथ लोगों का गुस्सा बढ़ता गया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने यह भी नाराजगी जताई कि घटनास्थल से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर अनुमंडल स्तरीय अधिकारियों के कार्यालय और आवास होने के बावजूद काफी देर तक कोई वरीय अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। करीब तीन घंटे बाद बीडीओ राकेश कुमार, आरओ राकेश कुमार तथा इंस्पेक्टर लालबाबू कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। मुखिया बैजनाथ शर्मा और सरपंच हरिकांत झा के हस्तक्षेप से परिजनों एवं ग्रामीणों को शांत कराया गया। बीडीओ ने पारिवारिक लाभ योजना के तहत तत्काल 20 हजार रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई तथा सरकारी प्रावधान के अनुसार अन्य मुआवजा राशि दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने जाम समाप्त किया और लगभग चार घंटे बाद सड़क पर यातायात बहाल हो सका। इधर, रोसड़ा थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस संबंध में इंस्पेक्टर लालबाबू कुमार ने बताया शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक के परिजनों से आवेदन प्राप्त कर अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है।
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