एक ही आंगन से उठीं तीन भाइयों की अर्थियां, रो पड़ा बोरज गांव

Apr 07, 2026 11:55 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, समस्तीपुर
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रोसड़ा के बोरज गांव में करेह नदी में डूबने से तीन सगे भाइयों की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचे तो परिजनों का शोर सुनकर पूरा गांव गम में डूब गया। अंतिम संस्कार के समय ग्रामीणों ने दुख और दर्द का अनुभव किया। घटना के बाद जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति से ग्रामीणों में नाराजगी है।

एक ही आंगन से उठीं तीन भाइयों की अर्थियां, रो पड़ा बोरज गांव

रोसड़ा/शिवाजीनगर। करेह नदी में डूबकर तीन सगे भाइयों की मौत के दूसरे दिन मंगलवार को भी बोरज गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। देर रात करीब एक बजे पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही तीनों भाइयों का शव गांव पहुंचा, परिजनों के चीख-चीत्कार ने रात के सन्नाटे को चीर दिया। पूरा गांव कोहराम से गूंज उठा। शव के गांव पहुंचते ही एक बार फिर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई अंतिम दर्शन के लिए व्याकुल दिखा। परिजनों की हालत देख वहां मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके। अहले सुबह जब एक साथ तीनों भाइयों की अर्थी उठी, तो यह मंजर देखकर हर किसी का कलेजा मुंह को आ गया।

पूरे गांव में सन्नाटा छा गया और लोगों की आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों का कहना था कि ऐसा दर्दनाक दृश्य उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था। गांव के ढाब गाछी स्थित करेह नदी किनारे तीनों भाइयों का अंतिम संस्कार किया गया। बड़े भाई आदित्य को उनके बूढ़े दादा तारकेश्वर झा ने कंपकपाते हाथों से मुखाग्नि दी, यह दृश्य देख वहां मौजूद लोग भावुक हो उठे। वहीं हर्षित को चाचा नित्यानंद झा और छोटे भाई कार्तिक को चाचा लोकनाथ झा ने मुखाग्नि दी। इस दौरान परिजन बार-बार बेहोश हो जा रहे थे, जबकि ग्रामीण उन्हें संभालने में लगे रहे। हर किसी के चेहरे पर दर्द साफ झलक रहा था। गांव में शोक का माहौल इस कदर था कि मंगलवार को भी किसी घर में चूल्हा नहीं जला। लोग अपने-अपने घरों में गमगीन बैठे रहे और इस दुखद घटना को याद कर सिहर उठे।वहीं बोरज गांव में घटना के दूसरे दिन मंगलवार को भी जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधि और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी तो पहुंचे, लेकिन अब तक न तो क्षेत्रीय विधायक और न ही सांसद के किसी प्रतिनिधि ने पीड़ित परिवार की सुधि ली है। इसको लेकर गांव के लोगों में नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों ने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद जनप्रतिनिधियों का संवेदनहीन रवैया चिंताजनक है। लोगों ने मांग की कि जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें उचित सहायता दिलाने की पहल करें।

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