अधर्म पर धर्म की होती है विजय: शेषनारायण
मोहिउद्दीननगर के तेतारपुर में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का पांचवा दिन मनाया गया, जहां कथा वाचक शेषनारायण जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के अवतार और लीलाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने धर्म की स्थापना के लिए भगवान के अवतार का महत्व बताया। कल्याणपुर में पंडित गीता पाठक ने भी कथा के आध्यात्मिक रहस्यों और भक्ति का महत्व साझा किया।

मोहिउद्दीननगर। प्रखंड क्षेत्र के तेतारपुर मे विष्णु महायज्ञ को लेकर चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन कथा वाचक ने भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य अवतार, बाल लीलाओं एवं धर्म स्थापना के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। अयोध्या धाम से आये कथा वाचक शेषनारायण जी महाराज ने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भगवान विभिन्न रूपों में अवतार लेकर धर्म की रक्षा करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भी अत्याचारी कंस के विनाश और धर्म की पुनर्स्थापना के लिए हुआ था। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्म की कथा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कारागार में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म लेने और उनकी लीलाओ पर प्रकाश डाला।
वही दूसरी ओर कल्याणपुर बस्ती पूरब पंचायत के लखनपुर मठ मे आयोजित भागवत कथा के तीसरे दिन वृन्दावन से आये कथा वाचक पंडित गीता पाठक ने श्रीमद्भागवत महापुराण के आध्यात्मिक रहस्यों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कथा महात्म्य, भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को मोक्ष के मार्ग पर ले जाने वाला दिव्य प्रकाश स्तंभ है।
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