
शाम होते ही शुरू हुआ चुनावी गणित का हिसाब-किताब
रोसड़ा में गुरुवार को मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। मतदान समाप्त होते ही गांवों और चौराहों पर चुनावी चर्चाएं तेज हो गईं। प्रत्याशी अपने समर्थकों से रुझान की जानकारी ले रहे थे। समर्थक अपनी-अपनी पार्टी की जीत का दावा कर रहे थे, जबकि कुछ लोग संतुलित टिप्पणी कर रहे थे कि असली तस्वीर मतगणना के दिन ही स्पष्ट होगी।
रोसड़ा। जिले के दसों विधानसभा क्षेत्रों में गुरुवार को मतदान शांतिपूर्ण संपन्न होने के बाद शाम तक राजनीतिक चर्चा अपने चरम पर रही। मतदान खत्म होते ही गांवों से लेकर चौक चौराहों, चाय की दुकानों से लेकर सामाजिक मिलन स्थलों तक हर जगह चुनावी गणित का दौर शुरू हो गया। कोई कह रहा था कि इस बार फलां पार्टी की हवा है, तो कोई अपने पसंदीदा प्रत्याशी के पक्ष में मजबूत रुझान बताते हुए सीट निकाल लेने की बात कह रहा था। मतदान के समाप्त होते ही शाम छह बजे के बाद प्रत्याशियों के कैंपों में भी चहल-पहल बढ़ गई। प्रत्याशी अपने-अपने बूथ एजेंटों और पंचायत स्तर के कार्यकर्ताओं से लगातार रुझान की जानकारी ले रहे थे।

कहां किस समुदाय का कितना वोट ट्रांसफर हुआ और कौन-सा बूथ किस ओर झुका, यह आंकड़ा जुटाने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। समर्थकों की टोली कभी फोन पर तो कभी सोशल मीडिया पर रुझानों का निजी एक्सिट पोल जारी करने में जुटी रही। कई जगह समर्थकों का उत्साह ऐसा था कि वे अपने-अपने प्रत्याशी को स्पष्ट बहुमत में मानकर आश्वस्त भी करते दिखे। हालांकि कुछ समझदार मतदाता और राजनीतिक जानकार संतुलित टिप्पणी करते हुए कहते रहे कि असली तस्वीर तो मतगणना के दिन ही साफ होगी। चर्चाओं के इस दौर में एक बात साफ दिखी कि मतदान खत्म हुआ पर चुनाव नहीं, अब हवा और अनुमान की राजनीति शुरू।

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