जरूरतमंदों की पहुंच में होगा महंगा इलाज
इससे देश के पूर्वी हिस्से में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।जिला अस्पतालों में ट्रॉमा केयर केंद्रों का विस्तार : स्वास्थ्य बजट में यदि नई

देश में अभी एक मात्र निम्हंस बेंगलुरु में है, जो मानसिक स्वास्थ्य के उपचार में एम्स जैसा विशिष्ट संस्थान है। बजट में ऐलान किया गया कि ऐसा ही एक संस्थान उत्तर भारत में भी स्थापित किया जाएगा। हालांकि, जगह का ऐलान बाद में होगा। यह घोषणा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मानसिक बीमारियां बढ़ रही हैं और सर्वाधिक आबादी वाले उत्तरी राज्यों में ऐसा कोई विशिष्ट संस्थान नहीं है। सिर्फ दिल्ली में एक संस्थान ईहभास है लेकिन वह भी निम्हंस की बराबरी का कतई नहीं है। दूसरे, इस घोषणा से स्पष्ट है कि एम्स की तर्ज पर अब एक से अधिक निम्हंस भी भविष्य में स्थापित हो सकेंगे।
इसके अलावा रांची और तेजपुर के क्षेत्रीय मानसिक रोग संस्थान को अपग्रेड करने का ऐलान किया गया है। इससे देश के पूर्वी हिस्से में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा। जिला अस्पतालों में ट्रॉमा केयर केंद्रों का विस्तार : स्वास्थ्य बजट में यदि नई योजनाओं की बात करें तो जिला अस्पतालों में इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर केंद्रों के विस्तार का ऐलान भी आम लोगों को राहत देगा। जिला अस्पतालों की स्थिति पहले से सुधरी है लेकिन अभी भी वहां इमरजेंसी सेवाएं कमजोर हैं। ट्रॉमा केयर तो नहीं के बराबर हैं। ट्रॉमा केयर केंद्र खुलने से हादसों के शिकार लोगों को तुरंत इलाज मिल सकेगा। वहीं दवा अनुसंधान तेज किया जाएगा। अगले पांच वर्षों में यह कार्यक्रम घरेलू स्तर पर जैविक घटकों, उत्पादों और जैविक दवाओं के उत्पादन के लिए एक ईकोसिस्टम तैयार करेगा। स्वास्थ्य सहायकों की संख्या बढ़ाई जाएगी : इसी प्रकार स्वास्थ्य सहायक पेशेवरों (एएचपी) की संख्या बढ़ाने के लिए भी एक नए कार्यक्रम का ऐलान किया गया है। इसके तहत ऑप्टोमैट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ओटी टेक्नोलॉजी, प्रायोगिक मनोविज्ञान और मानसिक स्वास्थ्य सहित 10 प्रमुख चिकित्सीय विधाओं में करीब एक लाख स्वास्थ्य सहायकों को जोड़ा जाएगा। देश की राजधानी में अभी सिर्फ एक ही अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान दिल्ली में है। आयुष फार्मेसी और प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण होगा, जामनगर आयुष केंद्र का उन्नयन होगा। योग को स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जोड़ने की भी बात कही गई है जिससे स्वास्थ्य देखभाल प्रभावी होगी। बुजुर्गों की विशिष्ट स्वास्थ्य देखभाल के लिए एक सशक्त देखभाल तंत्र स्थापित किया जाएगा। करीब 1.5 लाख देखभाल कार्यकर्ता तैयार होंगे।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




