नीली क्रान्ति के स्तंभों को नमन के साथ मनाया गया राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विवि में नीली क्रान्ति के स्तंभों को नमन करते हुए राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस मनाया गया। डीन ने मत्स्य पालकों का स्वागत किया और उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण दिया।...

पूसा। डॉ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विवि से जुड़े मा्स्यियकी महाविद्यालय, ढोली में गुरुवार को नीली क्रान्ति के स्तंभों को नमन करते हुए राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस मनाया गया। इस दौरान डीन डॉ.प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव ने 20 मत्स्य पालकों का स्वागत करते हुए कहा कि कुलपति डॉ पीएस पाण्डेय के मार्गदर्शन में मत्स्य पालकों का निरंतर प्रशिक्षण व तकनीकी हस्तांतरण जारी है। जिससे वे स्वरोजगार के रूप में अपनाकर आर्थिक रूप से सबल हो सके। जल कृषि विभाग के प्रधान डॉ. शिवेंद्र कुमार ने मत्स्य पालकों को मत्स्य पालन के आयामों से परिचय कराया। वही वैज्ञानिक रोशन कुमार राम ने सजावटी एवं रंगीन मछलियों के पालन एवं प्रजनन के साथ ही एक्वेरियम निर्माण से मत्स्य कृषकों को रुबरू कराया।
डॉ राजीव कुमार ब्रह्मचारी ने मछलियों में लगने वाले रोग एवं उनके उपचार पर प्रकाश डाला गया।डॉ तनुश्री घोड़ई ने मछलियों से बनने वाले मुल्य वर्धित उत्पाद से होने वाले लाभ की जानकारी दी। डॉ. प्रवेश कुमार ने मछलियों के प्रजनन एवं गुणवत्तापूर्ण मछली जीरा के चुनावों से अवगत कराया गया। वैज्ञानिक अभिलिप्सा विश्वाल ने मोती पालन के लिए महत्वपूर्ण जानकारी दी। संचालन शिक्षक राम कुमार एवं धन्यवाद वरीय वैज्ञानिक डॉ.घनश्याम नाथ झा ने किया । इस अवसर पर डीन ने मछ्ली बीज का वितरण किया।


