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समस्तीपुर

नए जिलों का गठन हुआ तो पहला नाम रोसड़ा का होगा : मंत्री

हिन्दुस्तान टीम,समस्तीपुरPublished By: Newswrap
Sat, 31 Jul 2021 11:41 PM
नए जिलों का गठन हुआ तो पहला नाम रोसड़ा का होगा : मंत्री

बिहार में यदि नए जिलों के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी तो उसमें रोसड़ा का नाम पहला होगा। यह बातें शनिवार को स्थानीय शशिकृष्णा महाविद्यालय में आयोजित अभिनंदन सामरोह में बिहार सरकार के पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री नीरज सिंह बबलू ने कही। उन्होंने कहा कि रोसड़ा से हमारा गहरा लगाव रहा है। बचपन से मैं रोसड़ा को जानता हूं। रोसड़ा हर दृष्टिकोण से जिला के लिए अनिवार्य मानकों को पूरा करता है। मंत्री व्यक्तिगत कार्यो से रोसड़ा आये थे। शशिकृष्णा महाविद्यालय के सचिव राजेन्द्र नारायण सिंह रंजन की अध्यक्षता में आयोजित अभिनंदन समारोह में मंत्री व उनकी धर्मपत्नी विधान पार्षद नूतन सिंह का सम्मान चादर, पाग, माला व तलवार भेंट कर किया गया। बता दें कि मंत्री की सुसराल थतिया गांव में ही हैं। अपने संबोधन में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए बिहार सरकार द्वारा 2008 से पौधरोपण का कार्यक्रम चल रहा है। जिसमें अब तक 24 करोड़ पेड़ लगाए जा चुके हैं। इस वित्तीय वर्ष में मार्च 2022 तक 5 करोड़ पेड़ और लगाए जाने हैं। प्राकृतिक रूप से ऑक्सीजन की कोई कमी ना होने पाए, इसके लिए सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किया जा रहा है। चिमनी भट्ठा मालिकों व कल-कारखाना संचालकों को इस संबंध में कड़े निर्देश दिए जा चुके हैं तथा उन्हें पुराने संयंत्रों को बदलकर नए संयंत्र लगाने तथा प्रदूषण रहित वातावरण तैयार करने का निर्देश दिया गया है। कम से कम पेड़ों की कटाई हो, इसके लिए अवैध रूप से संचालित आरा मिलों को बंद करने का अभियान चलाया जा रहा है।

एशिया के पहले डॉल्फिन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना:

बिहार देश ही नहीं एशिया का पहला स्थान है, जहां डॉल्फिन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई है। इसके लिए 30 करोड़ की लागत से भवन का निर्माण किया जाना है। मंत्री नीरज सिंह बब्लू ने बताया कि देश में पाए जाने वाले डॉल्फिनों का 50 प्रतिशत डॉल्फिन बिहार के गंगा जैसी बड़ी नदियों में ही पाए जा रहे हैं। इनको संरक्षित करने तथा इस पर विशेष अध्ययन किये जाने को रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई है। डॉल्फिन को संरक्षित रखने में गंगा का अहम योगदान है। उन्होंने बताया कि सूबे के नदियों में पाए जाने वाले डॉल्फिन को नदियों में ही संरक्षित रखा जा सकता है। विदेशों की तरह इन्हें डॉल्फिन पार्क रखना संभव नहीं है। उन्होंने डॉल्फिन पार्क के निर्माण की आवश्यकता जताते हुए इसके लिए प्रधानमंत्री से पत्राचार करने की आवश्यकता भी जतायी। उन्होंने कहा कि डॉल्फिन पार्क का निर्माण कराये जाने से बच्चों के लिए मनोरंजन ही नहीं बल्कि सूबे के लिए यह आमदनी का एक स्रोत भी बन सकता है। कार्यक्रम में विधान पार्षद नूतन सिंह ने कहा कि मैं अपने मायके में ही सम्मानित हो रही हूं, जिससे मैं अभिभूत हूं। मेरे पास शब्द नहीं हैं कि मैं इसे बयां कर सकूं। अभिनंदन समारोह को भाजपा के प्रदेश महामंत्री सुशील चौधरी, जिलाध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा, रोसड़ा विधायक बिरेन्द्र कुमार, पूर्व जिलाध्यक्ष रामसुमिरन सिंह, पूर्व प्राध्यापक डॉ. गौड़ी शंकर प्रसाद सिंह, मुख्य पार्षद श्यामबाबू सिंह, भाजयुमो नेता गुंजन मिश्रा, भाजपा नेता घनश्याम राय, सिकंदर आलम आदि ने भी संबोधित किया।

मंत्री ने किया वृक्षारोपण

रोसड़ा । एक प्रतिनिधि

शनिवार को रोसड़ा पहुंचे बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री नीरज सिंह बब्लू ने शशिकृष्णा महाविद्यालय के परिसर में वृक्षारोपण किया। मंत्री व उनकी धर्मपत्नी विधान पार्षद नूतन सिंह तथा रोसड़ा विधायक बीरेन्द्र कुमार द्वारा कई छायादार व फलदार वृक्ष महाविद्यालय के प्रांगण में लगाये गए। मौके पर वन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

विषहर माता मंदिर में मंत्री ने की पूजा-अर्चना

रोसड़ा । शनिवार को रोसड़ा पहुँचे मंत्री नीरज कुमार सिंह बब्लू अभिनंदन समारोह में भाग लेने से पूर्व अपने ससुराल थतिया पहुंचे। वहां उन्होंने अपनी पत्नी विधान पार्षद नूतन सिंह के साथ विषहर माता मंदिर में पूजा-अर्चना की। पूजा अर्चना के उपरांत स्थानीय लोगों से मिले। ससुराल होने कारण लोगों ने मंत्री महोदय से हास-परिहास भी किया। मंत्री महोदय भी मुस्कुराते हुए सबों से कुशल क्षेम पूछते रहे ।

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