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समस्तीपुर

नगर परिषद के गठन से पटोरी के सैकड़ों दावेदार नहीं बन सकेंगे पंचायत प्रतिनिधि

हिन्दुस्तान टीम,समस्तीपुरPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 07:42 PM
नगर परिषद के गठन से पटोरी के सैकड़ों दावेदार नहीं बन सकेंगे पंचायत प्रतिनिधि

शाहपुर पटोरी। शाहपुर पटोरी को नगर परिषद का दर्जा मिलने के बाद इस बार पटोरी प्रखंड के पंचायत चुनाव का गणित पूरी तरह नए समीकरण के साथ नजर आएगा। नवगठित नगर परिषद में 6 पंचायतों के 9 गांव को शामिल किया गया है, जबकि 3 पंचायतों का वजूद पूर्णत: समाप्त हो गया है। ऐसी स्थिति में 17 पंचायतों वाले पटोरी प्रखंड में अब सिर्फ 14 पंचायतों में ही पंचायत का चुनाव होना है। नगर परिषद के गठन के बाद पांच पंचायतों के कुछ हिस्सों को समीप के दूसरे पंचायतों में जोड़ दिया गया है। ऐसी स्थिति में कई वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों एवं संभावित प्रत्याशियों को पुरानी जमीन के साथ नए क्षेत्र में भी अपनी पहचान कायम करने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। इन पंचायतों के वर्तमान प्रतिनिधि एवं संभावित प्रत्याशी अभी से ही छद्म तरीके से अपने मतदाताओं को रिझाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। नए परिसीमन के कारण जिन पंचायतों का स्वरूप बदला है उनमें तारा धमौन, सिरदिलपुर सुपौल, हसनपुर सूरत, ईमनसराय, बहादुरपुर पटोरी, शाहपुर उंडी के नाम शामिल हैं। ऐसे क्षेत्रों के प्रत्याशी नए सिरे से अपने मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। नए परिसीमन से कई पंचायतों का जातीय समीकरण भी परिवर्तित हो गया है, जो कई प्रत्याशियों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। नगर परिषद शाहपुर पटोरी के गठन से कुल 45991 लोगों की आबादी पहली बार पंचायत चुनाव का हिस्सा नहीं बन सकेगी। ज्ञात हो कि 3 मार्च 2021 को नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार शाहपुर पटोरी को नगर परिषद का दर्जा मिल गया। नवगठित नगर परिषद में वर्तमान पटोरी प्रखंड के कुल 6 पंचायतों के 9 गांवों को शामिल किया गया। इसके कारण हसनपुर सूरत, शाहपुर उंडी, बहादुरपुर पटोरी, ईमनसराय, सिरदिलपुर सुपौल पंचायत का स्वरूप परिवर्तित हो गया। इसका अधिकांश हिस्सा नगर परिषद में तथा कुछ हिस्सा नगर परिषद से बाहर रह गया। नगर परिषद से वंचित इन पंचायतों के हिस्सों को समीप के दूसरे पंचायतों में समायोजित कर दिया गया, जबकि चकसलेम पंचायत का पूरा हिस्सा नगर परिषद में शामिल कर दिया गया। नगर परिषद के गठन से अब शाहपुर उंडी, चकसलेम एवं हसनपुर सूरत पंचायत विलोपित हो गया है। दूसरी ओर सिरदिलपुर सुपौल पंचायत का बचा हुआ हिस्सा अब अशरफपुर सुपौल पंचायत के नाम से जाना जाएगा। सिरदिलपुर, हसनपुर सूरत, लोदीपुर धीर, चकसलेम, हवासपुर, शाहपुर उंडी, भौआ, बहादुरपुर पटोरी, मुकुंदपुर आदि गांव के नगर परिषद का हिस्सा बन जाने के कारण इस क्षेत्र के कुल 43991 लोग इस बार हो रहे पंचायत चुनाव में अपनी भागीदारी नहीं निभाएंगे। ऐसे लोगों को अब अगले वर्ष होने वाले नगर परिषद के चुनाव की प्रतीक्षा करनी होगी।

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