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24 अक्तूबर, 2020|2:36|IST

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उतरने लगा गंगा का पानी, बूढ़ी गंडक में उफान

उतरने लगा गंगा का पानी, बूढ़ी गंडक में उफान

जिले गुजरने वाली नदियों में से स्थिर हुई गंगा का पानी जहां उतरने लगा हे वहीं बूढ़ी गंउक व बागमती का उफान जारी है। इससे बागमती व बूढ़ी गंडक के किनारे रहने वाले लोग बाढ़ की विभीषिका से सहमे हुए हैं। कई जगह खेत-खलिहान के अलावा सड़कों पर पानी चढ़ गया है जिससे लोग आवागमन की समस्या झेलने को विवश है।

मोहनपुर : बारिश का असर थमने के साथ ही मंगलवार शाम से गंगा नदी का जलस्तर नीचे उतरने लगा। इससे किसानों व प्रशासन ने राहत की सांस ली है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल दलसिंहसराय के सरारी कैंप से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को यह 45.90 मीटर से नीचे उतरकर 45.65 मीटर पर आ गया था, जो कि खतरे के निशान से मात्र 15 सेंटीमीटर ऊपर था। इसमें लगातार गिरावट जारी है ।

पूसा: बूढ़ी गंडक के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। इससे इस वर्ष एक बार फिर जलस्तर पूसा-सैदपुर पुल (लोहा पुराना पुल) को छूने को बेताब है। इधर जलस्तर की बढ़ोतरी से नदी के ढाब क्षेत्र व पुल के निकट नदी क्षेत्र में बसे लोगों के घरों में भी पानी प्रवेश करने लगा है। जलस्तर में बढ़ोतरी से लोग बाढ़ के खतरे की आशंका से दहशत में हैं।

सरायरंजन: प्रखंड के तिसवारा बम्मा से भिंडी जाने वाली मुख्य सडक पर बाढ़ का पानी बढ़ते ही जा रहा है। इससे तिसवारा एवं भिण्डी आने जाने वाले लोगों को भारी परेशानी हो रही है। लोगों ने बताया कि इस सडक पर पानी कम हो रहा था। लेकिन लगातार चार पाच दिन बारिश होने से सडक पर पानी बेतहाशा बढ़ गया है। इससे सडक पर चलने में भारी कठिनाई हो रही है। अगर इसी तरह सडक पर पानी बढता रहा तो तीन प्रखंडों का संपर्क टुट जाएगा।

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  • Web Title:Ganga water started to descend the boom in old Gandak