खेतों में नीलगाय के कहर से किसान त्रस्त
मोरवा के किसान नीलगाय के हमले से परेशान हैं। नीलगाय खेतों में घुसकर आलू, गेहूं, तंबाकू आदि फसलों को बर्बाद कर रही हैं। विभाग द्वारा नीलगाय से निपटने के प्रयास किए गए, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। किसान खेती छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं और नीलगाय के आतंक से निजात पाना मुश्किल हो रहा है।

मोरवा, एसं। प्रखंड क्षेत्र के किसान नीलगाय के कहर से काफी त्रस्त हैं। नीलगाय का झुंड खेतों में घुसते ही फसलों को तहस-नहस कर रहा है। हरी सब्जी के साथ-साथ आलू, गेहूं, तंबाकू, मक्का आदि की फसल को बुरी तरह बर्बाद होता देख किसान माथा पीट रहे हैं। बताया गया कि नीलगाय से निपटने के लिए विभाग के द्वारा समय समय पर दावे किए जाते रहे हैं लेकिन उसका असर देखने को नहीं मिलता है। प्रखंड क्षेत्र में नीलगाय से निपटने के लिए शूटर से मदद ली गई थी लेकिन किसी भी पंचायत में यह कारगर साबित नहीं हुआ। दिनों दिन नीलगाय की संख्या बढ़ती जा रही है।
झुंड के झुंड नीलगाय खेतों में पहुंचकर लहलहाती फसल को बर्बाद कर रहे हैं। इससे निजात मिलना फिलहाल मुश्किल लग रहा है। नीलगाय के आतंक से प्रखंड क्षेत्र के कई किसान खेती छोड़ने को विवश हैं। बताते चलें कि नीलगाय से निपटने के लिए हर पंचायत के प्रतिनिधियों से लिखित आवेदन लिए जा रहे थे। अधिकांश पंचायत के द्वारा यह सौंपा भी गया लेकिन उस पर कोई अमल नहीं हुआ। लड़ुआ, बनवीरा, इंद्रवारा, निकसपुर, हरपुर भिंडी आदि पंचायत में नीलगाय का झुंड किसानों के अरमानों पर पानी फेर रहा है। किसानों का कहना है कि नीलगाय के कारण खेतों में लगाई गई पूंजी भी ऊपर नहीं हो पा रहा है जिससे किसान लगातार घाटे में जा रहे हैं।

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