रेल मंडल के 107 स्टेशनों पर नेटवर्क क्षमता में हुआ सुधार
समस्तीपुर मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सिग्नल एवं दूरसंचार प्रणाली का विस्तार किया है। इससे रेल कर्मियों और यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा में सुधार हुआ है। मंडल के पांच प्रमुख स्टेशनों पर आधुनिक तकनीकें लागू की गई हैं, जिससे संचार प्रणाली तेज और विश्वसनीय बनी है।

समस्तीपुर। पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान सिग्नल एवं दूरसंचार प्रणाली का व्यापक विस्तार किया है। इसके विस्तार से रेल मंडल ने अपनी तकनीकी क्षमता को भी काफी सुदृढ़ किया है। वहीं इससे रेल कर्मियों को अपने कार्यों का निर्वहन करने व ट्रेनों के परिचालन में काफी सुविधा हुयी है। जबकि इन तकनीकों के माध्यम से यात्रियों की सुविधा व सुरक्षा के क्षेत्र में भी व्यापक सुधार किया गया है। इस बाबत रेलवे द्वारा जारी विज्ञप्ति में उल्लेख किया गया है कि मंडल ने दूरसंचार के क्षेत्र का व्यापक विस्तार किया है। इसके तहत मंडल के पांच प्रमुख स्टेशन समस्तीपुर, दरभंगा, रक्सौल, नरकटियागंज एवं सहरसा में आईपी एक्सचेंज स्थापित कर पुराने आईएसडीएन सिस्टम को प्रतिस्थापित किया गया है।
इसके कारण मंडल का संचार प्रणाली अधिक तेज और विश्वसनीय हो गया है। इसके अतिरिक्त पांच प्रमुख स्टेशनों पर एनवीआर सिस्टम अपग्रेड कर सीसीटीवी फुटेज की उपलब्धता 30 दिनों तक बढ़ाई गई है। ताकि किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से इन फुटेज को खंगाला जा सके। वहीं समस्तीपुर स्थित पुराने कंट्रोल रूम को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कर नए कंट्रोल रूम में स्थानांतरित किया गया है जिसमें डाटालॉगर, सिमुलेशन सिस्टम एवं 10×3 मैट्रिक्स सेंट्रल वीडियो वॉल की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर एवं निर्मली सेक्शन में भीओआईपी आधारित कंट्रोल कम्युनिकेशन सिस्टम लागू किया गया है। इससे रेलकर्मी अब स्पष्ट एवं निर्बाध संवाद कर सकेंगे। वहीं रेलमंडल के समस्तीपुर सहित अन्य प्रमुख स्टेशनों पर कोच इंडिकेशन बोर्ड एवं ट्रेन इंडिकेशन बोर्ड लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को ट्रेन की सही जानकारी प्राप्त करने में सुविधा हो रही है। इसके अलावा मंडल के 107 स्टेशनों पर आईपी एमपीएलएस प्रणाली लागू कर नेटवर्क को हाई स्पीड, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण बनाया गया है। उधर, सिग्नलिंग के क्षेत्र का विस्तार करते हुये रेल मंडल के 30 स्थानों पर ईपीएमएस की सीलिंग कर जलभराव से होने वाली खराबियों को कम किया गया, जिससे मानसून के दौरान सिग्नल फेल्योर में कमी आई है। साथ ही कई स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली लागू की गई है, जिससे संचालन अधिक सुरक्षित हुआ है। जबकि 9 लेवल क्रॉसिंग गेट्स का इंटरलॉकिंग किया गया, जिससे रेल एवं सड़क यातायात दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। 16 लेवल क्रॉसिंग पर मैनुअल बैरियर की जगह इलेक्ट्रिक ऑपरेटेड लिफ्टिंग बैरियर लगाए गए हैं, जिससे संचालन तेज एवं सुरक्षित हुआ है। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुये पांच ब्लॉक सेक्शनों में बीपीएसी एवं 3 स्टेशनों पर फायर अलार्म सिस्टम स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 17 लेवल क्रॉसिंग पर आरटीयू स्थापित कर रियल टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा शुरू की गई है। रेल मंडल लगातार आधुनिक तकनीकों को अपनाकर यात्रियों को सुरक्षित एवं विश्वसनीय रेल सेवा प्रदान करने की दिशा में अग्रसर है।
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