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चमकी पीड़ित बच्चों की सलामती के लिए दुआ को उठे हाथ

चमकी पीड़ित बच्चों की सलामती के लिए दुआ को उठे हाथ

1 / 2जिले में चमकी से पीड़ित बच्चों की सलामती व बारिश के लिए दुआओं में हाथ उठने लगे हैं। एक तरफ हिन्दू पूजा पाठ में लगे हैं तो दूसरी ओर मुसलमान खुले में विशेष नमाज पढ़ रहे...

चमकी पीड़ित बच्चों की सलामती के लिए दुआ को उठे हाथ

2 / 2जिले में चमकी से पीड़ित बच्चों की सलामती व बारिश के लिए दुआओं में हाथ उठने लगे हैं। एक तरफ हिन्दू पूजा पाठ में लगे हैं तो दूसरी ओर मुसलमान खुले में विशेष नमाज पढ़ रहे...

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जिले में चमकी से पीड़ित बच्चों की सलामती व बारिश के लिए दुआओं में हाथ उठने लगे हैं। एक तरफ हिन्दू पूजा पाठ में लगे हैं तो दूसरी ओर मुसलमान खुले में विशेष नमाज पढ़ रहे हैं।

इस्लामिक मान्यता के अनुसार, प्राकृतिक आपदा से मुक्ति के लिए खुले मैदान में नमाज पढ़ने से आपदा में कमी आती है। इसी नीयत के साथ सरायरंजन प्रखंड के मुसरीघरारी स्थित मदरसा सौतुल कुरान के पास मंगलवार से खुले मैदान में मुस्लिम समुदाय के लोग घंटेभर की नमाज पढ़ रहे हैं। ये लोग पीड़ित बच्चों के लिए दुआ मांग रहे हैं। साथ में बारिश करने की भी गुहार लगा रहे हैं। सुबह 8.30 बजे से 9.30 बजे तक नमाज पढ़ी जा रही है।

बुधवार को भी हाफिज व कारी इरफानी अहमद नदवी ने सभी को नमाज अदा करायी। चिलचिलाती धूप व तपती जमीन पर बैठ सभी ने अल्लाह से बच्चों वर्षा कराने की दुआ मांगी। इस नमाज में मुसरीघरारी के आसपास के गांवों के लोगों ने भारी तादाद में हिस्सा लिया। इसके लिए एक कमेटी भी बनायी गयी है। जिसका नाम ‘नमाजे इस्तस्का इंतजामिया कमेटी नाम रखा गया है। इस कमेटी में नसीम अब्दुल्लाह, हाजी मोहम्मद फिरोज, मासूम रजा, मो. साहेबजान, अताउल रहमान, असरार दानिश आदि शामिल हैं। नमाज गुरुवार को भी पढ़ी जाएगी।

ताजपुर में महादेव से की प्रार्थना

उधर, ताजपुर प्रखंड की सरसौना पंचायत के नुराचक गांव के ओमेश्वर महादेव मंदिर में ग्रामीणों ने मंगलवार शाम सामूहिक पूजा-पाठ करने के साथ भगवान से बारिश कराने की कामना की। लोगों ने स्थानीय मुखिया लक्ष्मी देवी के नेतृत्व में सजे-धजे बसहा के साथ भगवान भोलेनाथ की झांकी भी निकाली। आयोजक मंडल के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह ने बताया कि गांव में यह परंपरा पिछले ढाई दशक से चली आ रही है। उसी परम्परा को कायम रखते हुए क्षेत्र को गंभीर जल संकट से निजात दिलाने व भगवान इंद्रदेव को मनाकर वर्षा कराने के लिए यह कार्यक्रम बारिश शुरू होने तक हर रोज शाम में साढ़े सात बजे से रात्रि नौ बजे तक किया जाएगा। भगवान शिव को आराध्य मानकर इस महाअनुष्ठान को पूरा किया जाता है। लोग चमकी बुखार पीड़ित बच्चों के लिए भी प्रार्थना कर रहे हैं।

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  • Web Title:Dua wakes up for the welfare of children suffering from spleen