Samastipur News: रोसड़ा में पहली बार डिप्टी कलेक्टर रैंक के अधिकारी पर निगरानी का शिकंजा
Samastipur News: रोसड़ा में पहली बार डिप्टी कलेक्टर कंचन कुमारी झा की गिरफ्तारी के बाद पूरे अनुमंडल में चर्चा बनी रही। निगरानी टीम ने उन्हें मुजफ्फरपुर अदालत में पेश किया। डीसीएलआर पर आरोप हैं कि उन्होंने कर्मचारियों को इग्नोर किया और उनके व्यक्तिगत रसोइया का भी कार्यालय में दबदबा था।

Samastipur News: रोसड़ा। रोसड़ा में पहली बार डिप्टी कलेक्टर रैंक के अधिकारी पर निगरानी का शिकंजा कसने और डीसीएलआर कंचन कुमारी झा की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को भी पूरे अनुमंडल में इसकी चर्चा होती रही। निगरानी टीम ने शुक्रवार को डीसीएलआर कंचन कुमारी झा और उनके प्राइवेट रसोइया सुमित कुमार को मुजफ्फरपुर स्थित विशेष निगरानी अदालत में पेश किया। इससे पहले गुरुवार की देर रात करीब 11 बजे निगरानी टीम दोनों को अपने साथ लेकर रोसड़ा से रवाना हुई थी। डीसीएलआर की गिरफ्तारी के दूसरे दिन शुक्रवार को अनुमंडल कार्यालय से लेकर शहर के विभिन्न हिस्सों में कार्रवाई को लेकर चर्चा होती रही।
कार्यालय में चर्चा
डीसीएलआर कार्यालय में कर्मियों के बीच भी दिनभर इसी कार्रवाई की चर्चा होती रही। कार्यालय के एक कर्मी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि शुरुआती दौर से ही किसी भी मामले में मैडम का ‘डिमांड’ काफी अधिक रहा करता था। कर्मी के अनुसार कार्यालय में उनका व्यवहार भी कर्मियों के साथ बहुत मिलनसार नहीं था। कर्मी ने बताया कि कार्यालय में भी प्राइवेट रसोइया सुमित कुमार का काफी दबदबा था। कार्यालय कर्मियों को दरकिनार कर कई मौकों पर रसोइया ही कर्मियों को निर्देश देता था। इससे कर्मियों में असहजता की स्थिति बनी रहती थी। एक कर्मी ने बताया कि निगरानी कार्रवाई से करीब दो दिन पहले डीसीएलआर ने अनुमंडल क्षेत्र के सभी हल्का कर्मचारियों को बुलाकर बैठक की थी। बैठक शुरू होने के बाद उनके प्राइवेट रसोइया सुमित कुमार ने सभी हल्का कर्मचारियों को कार्यालय से बाहर रहने का निर्देश दे दिया। इसके बाद मजबूरन सभी कर्मी कार्यालय के बाहर भटकते रहे। कर्मी के अनुसार इस तरह की स्थिति को लेकर कार्यालय में पहले से ही चर्चाएं होती रही थीं। डीसीएलआर पर हुई निगरानी की कार्रवाई को लेकर उनके ही कार्यालय के कुछ कर्मी भी दबी जुबान में इसे सही ठहरा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। निगरानी विभाग की कार्रवाई और बरामदगी के संबंध में आधिकारिक स्तर पर आगे की जानकारी का इंतजार है। वहीं, बीते चार माह में अनुमंडल क्षेत्र में निगरानी की यह दूसरी कार्रवाई है। इससे पहले अप्रैल में अनुमंडल अस्पताल के प्रधान लिपिक को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया था। डीसीएलआर की गिरफ्तारी के बाद अब निगरानी विभाग की कार्रवाई को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है।
डीसीएलआर की पारिवारिक पृष्ठभूमि
सैन्य परिवार से ताल्लुक रखता है परिवार। डीसीएलआर कंचन कुमारी झा का परिवार रक्षा क्षेत्र से जुड़ा रहा है। उनके पति सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी हैं। वहीं, उनके दोनों बेटे भी डिफेंस में अधिकारी के पद पर कार्यरत बताए जाते हैं। छोटा बेटा पूर्व से डिफेंस में कार्यरत है, जबकि बड़े बेटे को इसी माह सीआईएसएफ में नियुक्ति मिली है। डीसीएलआर की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद उनके पारिवारिक और पेशेवर पृष्ठभूमि को लेकर भी क्षेत्र में चर्चा होती रही।


