सामुदायिक सेवाएं देकर समाज की मुख्य धारा से जुड़ रहे किशोर
समस्तीपुर में किशोर न्याय परिषद आर्थिक रूप से अक्षम किशोरों को किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत सामुदायिक सेवा करवा रही है। किशोरों को गंभीर मामलों में सामुदायिक सेवा के लिए प्राथमिक उपचार केंद्र पर मरीजों की सेवा करने का आदेश दिया गया है। इससे किशोर समाज की मुख्य धारा में शामिल हो सकेंगे।

समस्तीपुर। किशोर न्याय परिषद, समस्तीपुर की ओर से लगातार किशोरों के वाद का निष्पादन किया जा रहा है। किशोरों को जुर्माने पर भी केस से मुक्त किया जा रहा है। इसी क्रम में आर्थिक रूप से अक्षम किशोरों को किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत सामुदायिक सेवा करा कर केस का निष्पादन किया जाता है। इस बाबत जानकारी देते हुये किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान दंडाधिकारी कुमार सौरभ भानु बताया कि किशोर न्याय अधिनियम के तहत किशोरों को गंभीर मामलों में सामुदाायिक सेवा करने का आदेश दिया गया है। इसके तहत समस्तीपुर व रोसड़ा के कुछ किशोरों को प्राथमिक उपचार केंद्र पर एक सप्ताह तक मरीजों की सेवा करने का आदेश दिया गया है।
इस दौरान किशोरों को उनके द्वारा किये गये सेवा से संबंधित प्रमाण पत्र पीएचसी से दिया जायेगा, जिसे वे किशोर न्याय बोड में जमा करेंगे। उन्होंने बताया कि सामुदायिक सेवा के तहत किशोरों को आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ाने, सड़क किनारे व विद्यालय परिसर में पौधे लगाने, मंदिर में सेवा देने जैसी सामुदायिक सेवाएं कराकर वाद का निष्पादन किया जा रहा है। ताकि किशोर वाद से मुक्त होकर समाज की मुख्य धारा में शामिल हो सकें।
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