
सरायरंजन में नहीं हो रही है घाटों की साफ़ सफाई, कैसे होगी छठ पूजा
सरायरंजन में छठ पर्व के लिए घाटों की सफाई नहीं हो रही है। क्षेत्र की नदियाँ और तालाब जलकुंभी से भरे हुए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। प्रशासनिक स्तर पर कोई भी सफाई...
सरायरंजन। प्रखंड क्षेत्र में कहीं भी किसी भी छठ घाटों की सफाई नहीं हो रही है। क्षेत्र के जितने भी तालाब, नून नदी है वह जंगल एवं जलकुंभी से पटी हुई है। लेकिन आज तक छठ घाटों की साफ़ सफाई नहीं हुई है। छठ घाटों की साफ़ सफाई के नाम पर सिर्फ़ खानापूरी की जाती है। क्षेत्र के बरूना रसलपुर, मेहशी, रायपुर बुजुर्ग, केवट नगर (नया टोला), अहमदपुर, गंगसारा, मनिकपुर, लगमा इत्यादि गांव के ज्यादातर लोग इसी नदी में छठ पर्व मनाते हैं। स्थानीय केवट नगर निवासी विनय कुमार बताते हैं कि हर साल छठ पर्व में नदी में जलीय पौधों के पट जाने से काफ़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

छठ घाट की सफाई के नाम पर कोई भी पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि सुनने के लिए तैयार नहीं है। रायपुर बुजुर्ग निवासी दशरथ सहनी ने बताया की नदी में जलकुंभी हो जाने से पता ही नहीं चलता है कि कहां कितना पानी है जिससे बच्चे को डूबने का खतरा बना रहता है। मौके पर गोविन्द कुमार, मिथुन सहनी, बिरजू कुमार, मुन्ना कुमार, विपिन कुमार, विजय राय, सुजीत कुमार आदि ने बताया की छठ पर्व में हमलोग अपने से मेहनत करके पानी से जलकुंभी को किसी तरह हटाकर छठ पर्व करते हैं। सरकारी स्तर से सफाई नहीं होती है।

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