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विश्व बंधुत्व की परिकल्पना के प्रतीक थे बाबा हरदेव सिंह

वारिसनगर। बाबा हरदेव सिंह महाराज विश्व बंधुत्व की परिकल्पना के प्रतीक थे। समाज व...

विश्व बंधुत्व की परिकल्पना के प्रतीक थे बाबा हरदेव सिंह
हिन्दुस्तान टीम,समस्तीपुरWed, 15 May 2024 12:15 AM
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वारिसनगर। बाबा हरदेव सिंह महाराज विश्व बंधुत्व की परिकल्पना के प्रतीक थे। समाज व राष्ट्र को मानवीयता की राह पर ले जाना उनका उद्देश्य था। उनका संपूर्ण जीवन मानवता के कल्याणार्थ रहा। ये बातें संत निरंकारी मिशन में आयोजित समर्पण दिवस समारोह में संयोजक जवाहर प्रसाद ने कही।
उन्होंने कहा कि भक्ति दिल का सौदा है, दिमाग का नहीं, निंदा ही नफरत पैदा करती है। नफरत कांटों का रुप होती है, जो दिलों में चुभन और बेचैनी पैदा कर हमारी सद्भावना को अपंग बना देती है। इसलिए समस्या का कारण नहीं, समाधान बनना चाहिए। इंचार्ज महात्मा राजेश ने कहा कि आज के दिन ही हरदेव सिंह महाराज ने शरीर का त्याग किया था। वे संसार में प्रेम,भाईचारे, मिलन,प्यार, नम्रता के लिए हरदम प्रयासरत रहते थे। समारोह में राम प्रकाश, राजेश पासवान, बिनोद कुमार महाराज, यमुना, मोती, चंदेश्वर आदि उपस्थित थे।

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