आपातकाल के बाद लोकतंत्र हुआ मजबूत : कुलपति
सहरसा के सर्व नारायण सिंह रामकुमार सिंह महाविद्यालय में 'विकसित भारत युवा संसद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आपातकाल के 50 वर्ष पर प्रतियोगिता हुई, जिसमें कुलपति प्रो. डॉ. विमलेन्दु शेखर झा ने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र के सबकों पर चर्चा की। पांच छात्रों को पुरस्कार और सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।

सहरसा, हिन्दुस्तान संवाददाता। सर्व नारायण सिंह रामकुमार सिंह महाविद्यालय में विकसित भारत युवा संसद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आपातकाल के 50 वर्ष भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक विषय पर प्रतियोगिता हुई। गुरूवार को महाविद्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम का उदघाटन बीएनएमयू कुलपति प्रो डॉ विमलेन्दु शेखर झा ने किया। कुलपति ने आपातकाल के संबंध में विस्तृत जानकारी देते कहा कि आपातकाल से लोकतंत्र काफी मजबूत हुई। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल लगाया गया था। इमरजेंसी लागू करने के लिए संविधान में नियम है। लेकिन नियम के विरुद्ध इमरजेंसी लागू करने को लेकर देश में जगह जगह आंदोलन शुरू हो गया।इमरजेंसी
के दौरान कई बड़े बड़े नेता जेल गये। उन्होंने कहा कि कोई भी विद्रोह में हिंसा आने पर आंदोलन असफल हो जाता है। इसलिए गुजरात में बड़ी संख्या में युवाओं द्वारा शांति पूर्ण अनशन किया गया। वहीं बिहार में भी जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में इमरजेंसी के विरोध में आंदोलन चरम पर पहुंच गया। हालांकि काफी जद्दोजहद बाद शाह आयोग बना और इमरजेंसी हटा। कुलपति ने कहा कि बड़ा आंदोलन युवाओं के चलते सफल हुआ क्योंकि युवा अनुशासित थे और एक बोल था। प्रधानाचार्य प्रो डॉ अशोक कुमार सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते कहा कि प्रतियोगिता में प्रथम पांच छात्रों का चयन निर्णायक मंडल द्वारा किया जाएगा जिन्हें सर्टिफिकेट के साथ - साथ पुरस्कृत भी किया जाएगा। राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ आर्य सिन्धु के संचालन में आयोजित कार्यक्रम को पूर्व प्राचार्य डा रेणु सिंह, एमएलटी काॅलेज प्राचार्य प्रो डॉ सुधीर कुमार सिंह, विश्व विद्यालय अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो डॉ राजीव कुमार मल्लिक, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो डॉ डी एन सिंह सहित सभी और बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं मौजूद थे। गायन वादन से अभिनंदन : कार्यक्रम के उदघाटन से पूर्व उर्रवसी ठाकुर, शंकर कुमार सहित अन्य के द्वारा गायन वादन से आगत अतिथियों का स्वागत किया गया। ज्यूरी के निर्णय पर पांच छात्राएं पुरूस्कृत : प्रतियोगिता में तीन ज्यूरी सदस्यों में प्रो डॉ रेणु सिंह, प्रो डॉ राजीव कुमार मल्लिक, प्रो डॉ डी एन सिंह के निर्णय बाद पांच छात्राओं को सर्टिफिकेट के साथ साथ पुरस्कृत किया गया। सेवा योजना इकाई के डॉ सुधांशु शेखर ने बताया कि प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल के निर्णय अनुसार छात्रा परिधि पराशर प्रथम, कोमल सिंह द्वितीय, गीतांजली कुमारी तृतीय, गुरुप्रीत कौर चतुर्थ, एवं पूजा कुमारी पंचम प्राप्त की। सभी को सर्टिफिकेट सहित पुरूस्कार दिया गया।
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