पॉश एक्ट महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षा का एक सशक्त कानूनी माध्यम
सहरसा के राजकीय पॉलिटेक्निक में लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। प्राचार्य प्रो. मिथुन कुमार ने कार्यस्थल पर सुरक्षा और सम्मान की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्य वक्ता रौशन कुमार ने संवेदनशीलता और अनुशासन का महत्व बताया, जबकि ज्योति कुमारी ने महिलाओं की सुरक्षा और शिकायत प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।
सहरसा, हिन्दुस्तान संवाददाता। राजकीय पॉलिटेक्निक, सहरसा में लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम (पाॅश) जागरूकता एवं अनुपालन विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। शनिवार को आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता करते प्राचार्य प्रो. मिथुन कुमार ने कहा कि राजकीय पॉलिटेक्निक सहरसा में एक सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त कार्य वातावरण उपलब्ध कराना संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पाॅश अधिनियम 2013 के प्रभावी अनुपालन से ही कार्यस्थल पर समानता और गरिमा सुनिश्चित की जा सकती है तथा ऐसे जागरूकता कार्यक्रम सभी के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। आईसीसी नोडल पदाधिकारी प्रो. सारिका कुमारी ने कहा कि पाॅश अधिनियम महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रदान करने का एक सशक्त कानूनी माध्यम है।
उन्होंने आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, गोपनीयता बनाए रखने तथा सी बाॅक्स पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी। मुख्य वक्ता रौशन कुमार ( आईएएस) ने कहा कि लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम केवल कानून तक सीमित नहीं है, बल्कि कार्यस्थल पर संवेदनशीलता, अनुशासन और पारस्परिक सम्मान को अपनाना भी आवश्यक है। उन्होंने सभी कर्मचारियों एवं व्याख्याताओं से कानून के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। ज्योति कुमारी, एसएचओ महिला थाना, सहरसा ने महिलाओं की सुरक्षा, पुलिस की भूमिका तथा शिकायत की व्यावहारिक प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में बिना भय के संबंधित मंच पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए, ताकि समय पर न्याय सुनिश्चित हो सके। कार्यशाला के दौरान उपस्थित व्याख्याताओं एवं कर्मचारियों ने विषय से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका वक्ताओं द्वारा समाधान किया गया।

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