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13 जुलाई, 2020|8:22|IST

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मनरेगा कार्य शुरू होने से श्रमिकों को मिलने लगा रोजगार

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जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना कार्य को शुरू कर दिया गया है। मनरेगा कार्य शुरू होने से श्रमिकोंं को अब रोजगार मिलने लगा है। पोखरों की उड़ाही सहित अन्य कार्य में तेजी आ गई है। लॉकडाउन के कारण ग्रामीणों के आय के सभी साधन बंद पड़े है। लेकिन मनरेगा कार्य शुरू होने से मजदूरों को काफी राहत मिलने लगी है। मनरेगा कार्य शुरू होने से मजदूरों की अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटने की उम्मीदे है। विगत एक माह से अधिक समय से लॉकडाउन के कारण सभी काम धंधे बंद होने से मजदूरों को काफी परेशानी होने लगी थी। काम धंधे नहीं मिलने से कई मजदूरों की स्थिति काफी विकट हो गई है। कई मजदूरों के घरों में खाने के भी लाले पड़ने लगे। लेकिन सरकार ने मजदूरों का काम देने के लिए मनरेगा योजना को शुरू कर दिया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के कार्यो में सोशल डिस्टेसिंग का पालन भी किया जा रहा है। सरकार के निर्देश के बाद विभाग के द्वारा सभी मजदूरों को मास्क व सेनेटराइज उपलब्ध कराया गया है। जिले के दस प्रखंडों में कुल 34648 मजदूरों को अभी मनरेगा योजना तहत मजदूरी दी जाने लगी है। प्रधानमंत्री आवास निर्माण योजना तहत 21292 एवं 13349 लोगों को अन्य कार्यो के तहत मजदूरी दी जा रही है। प्रशासन अधिक से अधिक मजदूरों को मनरेगा योजना के कार्यो में जोड़कर उनके आर्थिक स्थिति को सुधारने का प्रयास में जुटे हुए है। इस योजना तहत पोखरों की जीर्णोद्वार पइन सफाई सहित अन्य कार्य को किया जाने लगा है। इससे मजदूरों को काफी राहत भी मिल रही है।

वीडियो कांफे्रसिंग कर दिया निर्देश : विभाग के प्रधान सचिव ने वीडियों कांफ्रे सिंग कर दिशा निर्देश देने में जुटे हुए है। सरकार हर हाल में मनरेगा तहत सभी को काम मिले इसके लिए पूरी तरह निर्देश दे रहे। सभी दिन इसकी मॉनिटेरिंग की जा रही है। राज्य मुख्यालय से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी व तकनीकी सहायकों को निर्देशित कर रहे है। जिला प्रशासन भी कोशिश में है कि मनरेगा के मजदूरों को हर दिन कार्य का भूगतान हो। ताकि मजदूरों को किसी भी तरह की समस्या न हो सकें। सभी मजदूरों को बैंक व पोस्टऑफिस के माध्यम से मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है।

मजदूरी दर में हुई बढ़ोत्तरी : मनरेगा के मजूदरों को मजदूरी दर में बढ़ोत्तरी कर दी गई है। पहले मनरेगा के मजदूरों को 177 रूपए दिया जाता था। लेकिन अब सरकार ने मजदूरी की राशि बढ़ाकर 194 रूपए कर दिया है। जिससे मजदूरों में काफी उत्साह है। मनरेगा से जुड़े कर्मियों के अनुसार मजदूरी दर बढ़ने से मजदूरों की दिलचस्पी काफी बढ़ गई है। महिलाओं को अधिक से अधिक काम मिलें और मनरेगा में महिला भी काम करें इसके लिए विभाग प्रयत्नशील है।

मनरेगा तहत होने वाले कार्य : मनरेगा तहत जल संरक्षण, जल संर्वधन, व्यक्तिगत पोखर निर्माण, तालाब जीर्णेद्वार कार्य, इंदिरा आवास निर्माण कार्य, कुंआ निर्माण सहित अन्य कार्यो प्राथमिकता के तौर पर स्वीकृत किये जा रहे है।

पौधारोपण पर भी जोर : मनरेगा तहत पौधारोपण भी जोर है। पौधारोपण में अधिक से अधिक मजदूरों को काम मिले इस पर भी योजना बनाई जा रही है।

प्रखंडवार पीएमएवाई जी तहत मजदूर : प्रधानमंत्री आवास निर्माण योजना तहत आवास प्राप्त लाभुकों को आवास निर्माण में 90 दिनों की मजदूरी 14-14 दिनोंे पर दी जाने लगी है। जानकारी अनुसार इस योजना तहत बनमाईटहरी में 1937, कहरा में 1688, महिषी में 1714, नवहटा में 2388, पतरघट में 2626, सलखुआ में 829, सत्तर कटैया में 1214, सिमरी बख्तियारपुर में 3671, सोनवर्षा में 2029 एवं सौरबाजार में 3203 मजदूरों को मनरेगा तहत आवास कार्य में लगाया गया है।

प्रखंडों में चल रहे कार्यो में लगे मजदूर : जानकारी अनुसार अभी बनमाईटहरी में 355, कहरा में 906, महिषी में 1009, नवहटा में 1453, पतरघट में 328, सलखुआ में 1033, सत्तर कटैया में 1537, सिमरी बख्तियारपुर में 3172, सोनवर्षा में 1008 एवं सौरबाजार में 2548 मजदूरों को मनरेगा कार्य में लगाया गया है।

कहते डीडीसी : मनरेगा कार्य शुरू कर सभी को कार्य दिया जा रहा है। कोशिश है कि अधिकाधिक लोगों को मनरेगा कार्य से जोड़कर उनके आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जाए।

राजेश कुमार सिंह, उपविकास आयुक्त, सहरसा

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  • Web Title:Workers started getting jobs after the start of MNREGA work