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पुराने तटबंध से सटकर बह रही नदी, खतरा

पुराने तटबंध से सटकर बह रही नदी, खतरा

पूर्वी कोसी तटबंध के 78.30 किमी ई-2 स्पर के अपस्ट्रीम में युद्ध की तरह इंजीनियरों द्वारा बचाव कार्य कर करीब आधा दर्जन से अधिक लोगों के आशियाने को बचाने के लिए कारगर कदम उठा लिया गया है। लेकिन दबाव का कहर अब तक कम नहीं हुआ है।

रिटायर पुराना तटबंध से कहीं 5 मीटर तो कहीं 8 मीटर सटकर नदी बह रही है। रिटायर पुराना तटबंध पर बसे असैय के शिवसागर यादव, राजेंद्र यादव, वीरेंद्र यादव,अकलू यादव सहित अन्य के घर के पास दबाव के कारण तटबंध से नदी की दूरी मात्र 5-7 मीटर शेष रह गई थी। जहां युद्धस्तर पर बचाव कार्य कर दबाव को बढ़ने से रोक दिया गया है।

इसी घर से करीब 100-150 मी दक्षिण मो.किताबुल, मो.अब्बास सहित अन्य के घरों को एनसी, जीबीसी, एसबीसी एवं बचाव कार्य से प्रोटेक्ट कर दिया गया है। इस बीच बुधवार को स्थल पर बैकरोल दबाव का कहर अन्य दिनों की अपेक्षा शांत रहा। जिससे इंजीनियरों ने चैन की सांस ली है। वही ई-2 स्पर के नोज पर नदी के टकराने से प्रोटेक्ट किए गए मेगा जिओ बैग एवं जिओ बैग नदी में नीचे सेंक कर रहा है। स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे चीफ इंजीनियर प्रकाश दास एवं अध्यक्ष महेंद्र चौधरी ने बताया कि एसईओम प्रकाश, मॉनिटरिंग के एसई वीरेंद्र कुमार, एई ओमप्रकाश सिंह, भागलपुर बौसी सिंचाई प्रमंडल से आए अक्षय कुमार दास, विभीषण दास, अनंत कुमार सिन्हा, अजय कुमार, मनोज कुमार भारती, उत्तम ठाकुर एवं जेई किशोर कुणाल के सहयोग से बचाव कार्य किया जा रहा है।

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  • Web Title:The river flowing through the old embankment the danger