
प्रशासनिक उदासीनता से संकुचित हो रहा है चौक
संक्षेप: सहरसा का सुभाष चौक, जो स्वतंत्रता संग्राम के नायक सुभाष चंद्र बोस के नाम पर है, इन दिनों अतिक्रमण की चपेट में है। प्रशासन की लापरवाही के कारण चौक की स्थिति बिगड़ रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से साफ-सफाई और अतिक्रमण हटाने की मांग की है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
सहरसा, हमारे प्रतिनिधि। भारत के स्वतंत्रता संग्राम के वीर सपूत, दूरदर्शी और प्रभावशाली नेता सुभाष चंद्र बोस के नाम पर स्थापित शहर का महत्वपूर्ण सुभाष चौक इन दिनों प्रशासनिक लापरवाही के कारण अतिक्रमण की चपेट में है। यह चौक न केवल शहर का यातायात केंद्र माना जाता है बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन की स्मृतियों से जुड़े होने के कारण एक मूल्यवान धरोहर भी है। परंतु लगातार बढ़ते कब्ज़े और कार्रवाई की सुस्ती ने इसकी स्थिति बेहद चिंताजनक बना दी है। कुछ माह पूर्व असामाजिक तत्वों द्वारा चौक स्थित नेताजी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने अत्यधिक नाराज़गी जताते हुए जिला प्रशासन से चौक क्षेत्र में साफ - सफाई, सुरक्षा और अतिक्रमण हटाने की मांग की थी।

जनदबाव बढ़ने पर प्रशासन हरकत में आया और कहरा अंचल के अमीन से पूरे क्षेत्र की नापी कराई गई। नापी के दौरान कई दुकानों पर अतिक्रमण चिन्हित कर लाल निशान लगाए गए। उस समय लग रहा था कि प्रशासन कठोर कार्रवाई करेगा और चौक को इसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाएगा। परंतु समस्या यहीं से शुरू हुई। नापी तो हुई, मगर कार्रवाई वहीं ठहर गई। चिन्हित दुकानों से न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही कोई स्पष्ट पहल की गई। जिस अभियान से लोगों को उम्मीदें बंधी थीं, वह कुछ ही दिन में ठंडे बस्ते में चला गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन अतिक्रमण पर अंकुश लगाने के बजाय सिर्फ औपचारिकताए निभा रहा है। नापी, चिन्हांकन और आश्वासन इसके आगे कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यही वजह है कि चौक की स्थिति बद से बदतर होती चली गई। निवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन एक बार गंभीर होकर अभियान चलाए और स्थायी रूप से अतिक्रमण हटाए, तो सड़क चौड़ी हो सकती है, जाम की समस्या दूर होगी और चौक का गौरव वापस लौटेगा। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सुभाष चंद्र बोस जैसे महान सेनानी के नाम पर बने चौक की उपेक्षा पूरे समाज के लिए शर्मनाक है। उनका कहना है कि अतिक्रमण हटाकर चौक को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, जिसे अब और टाला नहीं जा सकता। नगर आयुक्त प्रभात झा ने कहा कि अतिक्रमण के खिलाफ अभियाना चलाया जाएगा। अतिक्रमण हटाओ अभियान नहीं चलने से परेशानी स्थानीय दुकानदार बताते हैं कि अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू हुआ था तो चौक खुला और चौड़ा नजर आने लगा था। परंतु कुछ ही समय बाद प्रशासन की चुप्पी देखकर कब्जाधारियों ने दोबारा अपने पांव पसार लिए। धीरे - धीरे स्थिति फिर पहले जैसी हो गई और सड़क संकीर्ण होने लगी। आज हालात यह हैं कि सुभाष चौक से गुजरने वाली सड़क पर बड़े वाहन आमने - सामने आ जाए तो तुरंत जाम लग जाता है। घंटों तक वाहन फंसे रहते हैं और राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। दुकानें सड़क तक फैली हुई हैं, जिससे पैदल चलने वालों के लिए भी सुरक्षित रास्ता नहीं बचता। इसके साथ ही सड़क किनारे बालू, गिट्टी और निर्माण सामग्री की दुकानें भी पसरती जा रही हैं। इनकी वजह से सड़क और अधिक संकुचित हो गई है। वहीं, चौक के किनारे अवैध वाहन स्टैंड भी फल - फूल रहा है। बगैर किसी अनुमति के टेंपो, रिक्शा और अन्य वाहन यहां लाइन में खड़े हो जाते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह अस्त - व्यस्त हो जाती है।

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