रेड लाइट एरिया समीप हो चुकी है संदिग्ध मौतें

Jan 12, 2026 01:05 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सहरसा
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सहरसा के सिमरीबख्तियारपुर में रेड लाइट एरिया में बिचौलियों की भूमिका संदिग्ध है। पिछले कुछ वर्षों में कई बिचौलियों और महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन देह व्यापार जारी है। स्थानीय लोग इस क्षेत्र में अपराधों और संदिग्ध मौतों की घटनाओं की शिकायत कर रहे हैं। 2020 में रेड लाइट एरिया बंद करने के लिए आंदोलन भी हुआ था।

रेड लाइट एरिया समीप हो चुकी है संदिग्ध मौतें

सहरसा, नगर संवाददाता सदर थाना क्षेत्र के सिमरीबख्तियारपुर सोनवर्षा कचहरी मुख्य मार्ग पर स्थित रेड लाइट एरिया में करीब एक दर्जन से अधिक बिचौलियों की भूमिका काफी संदिग्ध है। इन बिचौलियों की वजह से ही शहर का रेड लाइट एरिया आज तक बंद नहीं हो चुका है। जबकि करीब आधा दर्जन से अधिक बिचौलिया, उसके परिवार के सदस्य, महिलाएं, देह व्यापार, हत्या जैसे मामलों में जेल जा चुके हैं। लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ा है और देह व्यापार जारी ही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि रेड लाइट एरिया आसपास कई संदिग्ध मौत हो चुकी है।जिसमें रेड लाइट एरिया के कनेक्शन से इंकार नहीं किया जा सकता है।

मौत मामले में कई बिचौलिया और महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।ऐसे में यह साबित होता है कि रेड लाइट एरिया में असमाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है।स्थानीय लोगों ने कुछ दलालों का नाम बताते हुए कहा कि अगर बिचौलियों के मोबाइल फोन का डिटेल निकाला जाय तो कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। रेड लाइट एरिया में देह व्यापार कारोबार के सरंक्षण में असमाजिक तत्वों, माफियाओं, जमीन दलाल और सफेदपोश के कनेक्शन से इंकार नहीं किया जा सकता है।रेड लाइट एरिया में पहले देह व्यापार नहीं होता था। 90 के दशक में यहां लोग मुजरा देखने आते थे।शादी-ब्याह के आयोजनों में यहां से कलाकारों को कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए ले जाया जाता था। लेकिन 90 के दशक के बाद धीर-धीरे यहां देह व्यापार शुरू हो गया और देह व्यापार से मानव तस्करी तक पहुंच गया। पुलिस की जब छापेमारी होती है तो यहां इस प्रकार कमरे का निर्माण किया गया है कि किसी होकर लड़कियां और दलाल भाग जाते हैं इसका पता भी नहीं चल पाता है। जिस वजह से पुलिस की छापेमारी बहुत ज्यादा सफल नहीं हो पाती है। लेकिन इस बार बीते सात दिसंबर को पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर सफलता प्राप्त किया। 2020 में हो चुका है आंदोलन :रेड लाइट एरिया बंद करने के लिए 2020 में आंदोलन भी हुआ था।बैठक में शामिल विभिन्न वार्डों और सुलिंदाबाद पंचायत के लोगों ने कहा कि रेडलाइट होकर गुजरने में शर्म आती है। प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही वाली सड़क के पास देह व्यापार से जुड़े धंधेबाज इकट्ठा रहकर अभद्र व्यवहार करते हैं।कई लोगों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि रेडलाइट एरिया की वजह से अब तो शादी-ब्याह के लिए रिश्तेदारों ने भी आना छोड़ दिया है।यह कहने में भी शर्म आती है कि इस क्षेत्र में हमलोगों का आवास है।कई लोगों ने कहा कि वार्ड 26 से सटे करीब सौ घरों में नर्तकी के नाम पर देह व्यापार का धंधा किया जाता है।वहां बाहर से लड़कियों को भगाकर लाया जाता और जिस्म के बाजार में उनका सौदा किया जाता है।राहगीरों के साथ सड़क किनारे बैठी लड़कियों, महिलाओं और दलालों के द्वारा जबरदस्ती मोबाइल फोन व रुपये छीनकर मारपीट की जाती है। आसपास के क्षेत्रों में रहने वाली सभ्य समाज की बहू-बेटियों पर भी अश्लील टिप्पणी की जाती है।इस कारण उन्हें शर्मिंदगी से गुजरना पड़ता है। यहां रहने वाले सभ्य लोग दहशत के कारण कुछ कह नहीं पाते हैं।

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