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सहरसासहरसा-फारबिसगंज रेल विद्युतीकरण कार्य रुका

हिन्दुस्तान टीम,सहरसाPublished By: Newswrap
Sun, 21 Mar 2021 03:33 AM
सहरसा-फारबिसगंज रेल विद्युतीकरण कार्य रुका

सहरसा | निज प्रतिनिधि

सहरसा-फारबिसगंज रेल विद्युतीकरण कार्य पर फंड की कमी के कारण ब्रेक लग गया है। रेल निर्माण विभाग द्वारा बहाल कार्यएजेंसी ने गढ़ बरुआरी तक विद्युतीकरण का काम कर छोड़ दिया है।

एजेंसी का कहना है कि फंड मिलने के बाद ही आगे का काम पूरा कर पाएंगे। गौरतलब रहे कि अभी सहरसा से सुपौल, थरबिटिया, सरायगढ़ होते राघोपुर तक रेललाइन चालू है। ललितग्राम तक पटरी बिछ चुकी है। ललितग्राम से आगे फारबिसगंज तक आमान परिवर्तन कार्य फंड की कमी के कारण गति नहीं पकड़ रही है। अब गढ़ बरुआरी से आगे रेल विद्युतीकरण कार्य में ब्रेक लगने से अलग परेशानी बन आई है। खास बात यह कि इस तरह की स्थिति में तय समय में विद्युतीकरण का काम कैसे पूरा होगा। कब इलेक्ट्रिक इंजन चलने का सपना साकार होगा। मिली जानकारी मुताबिक प्रति रूट किलोमीटर रेल विद्युतीकरण कार्य पर 70 से 80 लाख रुपए खर्च आता है। डिप्टी चीफ इंजीनियर निर्माण विद्युत दीपक कुमार गुप्ता ने कहा कि फंड मिलते गढ़ बरुआरी से आगे रेल विद्युतीकरण कार्य शुरू करते जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सहरसा से गढ़ बरुआरी तक रेल विद्युतीकरण कार्य पूरा कर लिया गया है। अगले माह सहरसा से गढ़ बरुआरी तक रेल विद्युतीकरण कार्य का सीआरएस निरीक्षण कराने का विचार है। डिप्टी चीफ इंजीनियर निर्माण विद्युत ने कहा कि अगले महीने अप्रैल में सहरसा से गढ़ बरुआरी तक रेल विद्युतीकरण कार्य का सीआरएस निरीक्षण होगा। निरीक्षण की तिथि निर्धारित करने के लिए आवेदन किया गया है।

इसी साल के अंत तक पूर्णिया कोर्ट तक होगा विद्युतीकरण कार्य पूरा : पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक ललितचन्द्र त्रिवेदी की अध्यक्षता में हाल में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इसी साल के अंत तक मधेपुरा-पूर्णिया कोर्ट और सहरसा-फारबिसगंज रेल विद्युतीकरण कार्य पूरा करने की बात कहीं गई। बैठक में महाप्रबंधक ने कहा कि पूर्व मध्य रेल के चार मंडल पूरी तरह से विद्युतीकृत हो चुके हैं। पूर्व मध्य रेल के 86.25 प्रतिशत रूट पर विद्युतीकरण कार्य पूरा हो गया है। 4220 में 3660 रूट विद्युतीकृत हो चुके हैं।

समस्तीपुर मंडल के सहरसा-फारबिसगंज, मधेपुरा-पूर्णिया कोर्ट और सीतामढ़ी-रक्सौल रेलखंड पर विद्युतीकरण का कार्य इसी साल के अंत तक पूरे किए जाएंगे। अगर साल के अंत तक रेल विद्युतीकरण कार्य पूरा हो गया तब इलेक्ट्रिक इंजन चलने का रास्ता साफ हो जाएगा। ट्रेन की रफ्तार बढ़ने से कम समय में सफर तय होने के अलावा पर्यावरण के दृष्टिकोण से भी फायदेमंद साबित होगा। जिससे यात्रियों को भी कम समय में यात्रा की सुविधा मिलेगी।

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