चार प्रखंडों में शुरू होगी दीदी की रसोई
सहरसा जिले के चार प्रखंड सह अंचल कार्यालयों में 'दीदी की रसोई' का संचालन शुरू होगा। ये प्रखंड सिमरी बख्तियारपुर, महिषी, सलखुआ और सोनवर्षाराज हैं। जीविका द्वारा बीडीओ से जगह मांगी गई है, और मार्च से ये रसोई चालू होगी। इससे कर्मचारियों को ऑफिस में ही सस्ते और घर जैसा खाना मिलेगा।

सहरसा। अब प्रखंड और अंचल के कर्मी भी दीदी की रसोई का खाना चखेंगे। जिले के चार प्रखंड सह अंचल कार्यालयों में दीदी की रसोई संचालित होगी। जिन प्रखंड सह अंचल कार्यालयों में दीदी की रसोई शुरू होगी वे सिमरी बख्तियारपुर, महिषी, सलखुआ और सोनवर्षाराज है। इन जगहों पर दीदी की रसोई शुरू करने के लिए जीविका ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) से जगह मांगी है। अगर जगह मिल गया तो इसी साल के मार्च माह से चारों प्रखंड सह अंचल भवन में दीदी की रसोई संचालित होने लगेगी। प्रखंड सह अंचल भवन में दीदी की रसोई शुरू होने के बाद कार्यालय परिसर में ही पदाधिकारी और कर्मियों को भोजन व नाश्ते की सुविधा मिल जाएगी।
उन्हें भोजन और नाश्ते के लिए बाजार में होटल, स्वीट कार्नर या ढाबा ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जाने और वापस आने में लगने वाले समय व वाहन के ईंधन पर होने वाले खर्च बचेंगे। बाजार के मुकाबले दीदी की रसोई में कम खर्च पर खाना मिल जाएगा। खास बात यह कि दीदी के रसोई का बना खाना उन्हें घर जैसा स्वाद का अनुभव कराएगा। जीविका के प्रबंधक गैर कृषि एवं सूक्ष्म उद्यम नीतू भारती ने कहा कि राज्य मुख्यालय से जिले के सिमरी बख्तियारपुर, महिषी, सलखुआ और सोनवर्षाराज प्रखंड सह अंचल भवन में दीदी का रसोई शुरू करने का पत्र मिला है। पत्र के आलोक में इन चारों प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी से दीदी की रसोई संचालित करने के लिए भवन में जगह उपलब्ध कराने की मांग की गई है। जगह उपलब्ध करा दिया गया तो मार्च महीने से दीदी की रसोई संचालित होने लगेगी। चार प्रखंडों में शुरू हुआ तो तब छह प्रखंड कार्यालय बचेंगे: मार्च में अगर जिले के चार प्रखंड सह अंचल कार्यालयों में दीदी की रसोई शुरू हुआ तो छह प्रखंड कार्यालय बच जाएंगे। दरअसल, जिले में कहरा, महिषी, सत्तरकटैया, नवहट्टा, सौरबाजार, सोनवर्षाराज, पतरघट, सिमरी बख्तियारपुर, बनमा ईटहरी और सलखुआ कुल दस प्रखंड सह अंचल कार्यालय है। जिसमें अभी चार प्रखंड सह अंचल कार्यालय सिमरी बख्तियारपुर, महिषी, सलखुआ और सोनवर्षाराज का चयन दीदी की रसोई सुविधा के लिए किया गया है। जिले में सदर अस्पताल से शुरू हुआ था दीदी की रसोई का संचालन: जिले में सदर अस्पताल से दीदी के रसोई का संचालन शुरू हुआ था। सदर अस्पताल में इसकी शुरुआत 14 सितंबर 2020 में हुई थी। उसके बाद सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडलीय अस्पताल, राजकीय अंबेडकर आवासीय विद्यालय अमरपुर कहरा, पुलिस लाइन और पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू उच्च विद्यालय में इसका संचालन हो रहा है। इस तरह से अभी दीदी की रसोई जिले में पांच सरकारी संस्थानों में कार्यरत है। जगह की कमी कारण मरीज के परिजनों को नहीं दे पा रहे खाना: सदर अस्पताल में संचालित दीदी की रसोई से अभी भर्ती मरीजों को ही खाना उपलब्ध कराया जा रहा है। यहां दीदी की रसोई संचालित करने के लिए अगर पर्याप्त जगह उपलब्ध करा दिया जाय तो मरीजों को भी कम कीमत पर स्वादिष्ट भोजन की सुविधा मिलने लगेगी। अभी दीदी की रसोई पुराना सदर अस्पताल भवन में संचालित है, इसमें मरीजों के लायक ही खाना बनाने व रखने की व्यवस्था है।

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