जलकुंभी से उत्पाद निर्माण साथ मछलीपालन को मिलेगा बढ़ावा
सहरसा में जलकुंभी से हैंडीक्राफ्ट सामान निर्माण और मछलीपालन को बढ़ावा दिया जाएगा। डीएम दीपेश कुमार ने बताया कि जलकुंभी हटाने से मछली उत्पादन में सुधार होगा और लोगों को रोजगार मिलेगा। जीविका को इस कार्य की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे क्षेत्र के किसानों की आय में वृद्धि होगी।

सहरसा, निज प्रतिनिधि। जलकुंभी से उत्पाद निर्माण के साथ-साथ मछलीपालन को भी बढ़ावा दिया जाएगा। डीएम दीपेश कुमार ने कहा कि जलकुंभी से हैंडीक्राफ्ट सामान निर्माण करने वाले बिहार राज्य के पहला जिला के रूप में सहरसा का चयन किया गया है। जीविका को इस कार्य की जिम्मेदारी मिली है। सहरसा जिले में जलकुंभी से हैंडीक्राफ्ट सामान निर्माण के साथ-साथ मछलीपालन को बढ़ावा दिया जाएगा। जलकुंभी को हटाकर वहां मछलीपालन किए जाएंगे। इससे लोगों को हैंडीक्राफ्ट सामान निर्माण और मछलीपालन दो तरह के रोजगार मिलेंगे। जो लोगों के जीवन को आसान बनाएगा और जीविका दीदी, क्षेत्र के किसानों सहित अन्य लोगों की आय का स्त्रोत बनेगा।
निस्तारण किए गए जलकुंभी से बैग, फूलदानी, डलिया, प्लेट, रस्सी, पेपर(कागज) सहित टेबल वेयर सामान सहित अन्य हैंडीक्राफ्ट सामान बनाए जाएंगे। इसके लिए जरूरी मशीनें लगाई जाएगी। जलकुंभी कारण प्रभावित होता है मछली उत्पादन: डीएम ने कहा कि जलकुंभी के कारण जिले में मछली उत्पादन प्रभावित होता है। जलकुंभी से ढक जाने के कारण मछलियों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है और यह उसके मौत की वजह बनती है। जलकुंभी निस्तारण होने से यह समस्या दूर होगी और मछली का अच्छा उत्पादन होगा। सहरसा जिले में प्रचूर मात्रा में पानी है और यह मछली उत्पादन के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। मछली उत्पादन में अव्वल बनेगा जिला: डीएम ने कहा कि मछली उत्पादन में सहरसा जिले को अव्वल बनाना भी प्राथमिकता में शामिल है। हाल के दिनों में यहां की मछली उत्पादन क्षमता बढ़ी है। जलकुंभी के निस्तारण से मछलीपालन को बढ़ावा देने से उत्पादन क्षमता काफी बढ़ेगी। जल्द ही सहरसा जिला मछली उत्पादन के क्षेत्र में अव्वल जिला कहलाएगा।
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