नल–जल योजनाओं की प्रगति पर जिलाधिकारी सख़्त

Dec 16, 2025 01:04 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सहरसा
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सहरसा में जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में जल–जीवन–हरियाली अभियान के तहत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नल–जल योजनाओं की स्थिति, पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता और स्वच्छता अभियान की प्रगति पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने सभी लंबित योजनाओं को जनवरी 2026 तक पूरा करने का निर्देश दिया और कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

नल–जल योजनाओं की प्रगति पर जिलाधिकारी सख़्त

सहरसा, हमारे प्रतिनिधि। सोमवार को जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में जल–जीवन–हरियाली अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रही नल–जल योजनाओं की वर्तमान क्रियान्वयन स्थिति, पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता, लंबित योजनाओं की प्रगति, तथा स्वच्छता अभियान अंतर्गत ठोस द्रव्य अपशिष्ट निस्तारण की उपलब्धियों की विस्तार से समीक्षा की गई। सबसे पहले जिलाधिकारी ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल और बुडको द्वारा संचालित नल–जल योजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट ली। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि नल–जल योजना जिले की प्राथमिकता योजना है और इसके संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डीएम ने सभी पदाधिकारियों को नल–जल आपूर्ति की निर्बाध व सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्राप्त शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए ठोस और समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जिन क्षेत्रों में नियमित पेयजल आपूर्ति में बाधा आ रही है, वहां तत्काल विशेष मॉनिटरिंग की जाए। समीक्षा के दौरान नल–जल योजना से संबंधित अपूर्ण योजनाओं पर भी विशेष चर्चा हुई। डीएम ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को आदेश दिया कि जिले में लंबित सभी नल–जल योजनाओं को जनवरी 2026 के दूसरे सप्ताह तक हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि पेयजल से जुड़ी यह महत्त्वपूर्ण योजना आम लोगों के जीवन से सीधे जुड़ी है, इसलिए किसी भी स्तर पर देरी अनुचित है। विभागीय अधिकारियों को निरीक्षण बढ़ाने और प्रगति रिपोर्ट प्रतिदिन उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत ठोस द्रव्य अपशिष्ट निस्तारण की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि लक्ष्य के विरुद्ध अब तक लगभग 91 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की जा चुकी है। शेष लक्ष्य को जल्द से जल्द पूरा करने और सभी पंचायतों में अपशिष्ट निस्तारण को पूरी तरह क्रियान्वित करने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं की सफलता से ग्रामीण स्वास्थ्य व पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, इसलिए कोई भी पंचायत इससे वंचित नहीं रहनी चाहिए। बैठक में उप विकास आयुक्त संजय कुमार निराला, जिला कृषि पदाधिकारी, निदेशक एनईपी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने सभी को निर्धारित समय सीमा में योजनाओं के लक्ष्यों को पूर्ण करने का निर्देश देते हुए कार्यों में तेजी लाने का आग्रह किया। संचालन और परिवहन व्यवस्था में सुधार के निर्देश: सहरसा समाहरणालय में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला आपूर्ति टास्क फोर्स बैठक में ई केवाईसी और आधार सीडिंग की धीमी प्रगति पर नाराज़गी जताई गई। डीएम ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को 100 प्रतिशत लक्ष्य तुरंत पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक में गोदाम देर से खुलने और देर रात बंद होने के कारण खाद्यान्न चोरी की संभावना बढ़ने की शिकायत सामने आई। इस पर डीएम ने सुबह 8 बजे गोदाम खोलने और शाम 5 बजे बंद करने का कड़ा निर्देश देते हुए उल्लंघन पर निलंबन की चेतावनी दी। वहीं डीएसडी परिवहन अभिकर्ताओं द्वारा अनुबंध के अनुसार वाहन उपलब्ध नहीं कराने से खाद्यान्न वितरण में बाधा आने पर डीएम ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए एग्रीमेंट रद्द करने, राशि कटौती और काली सूची में डालने का निर्देश दिया।

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