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सहरसा : सदर अस्पताल में नहीं शुरू हुई डायलिसिस

हिन्दुस्तान टीम,सहरसाNewswrap
Mon, 06 Dec 2021 03:52 AM
सहरसा : सदर अस्पताल में नहीं शुरू हुई डायलिसिस

सहरसा | एक संवाददाता

डायलिसिस की आस में सदर अस्पताल की सांसें अटकी हुई है। कोसी प्रमंडल मुख्यालय के सदर अस्पताल में डायलिसिस मशीन लगाने की जगह चिह्नित है लेकिन अबतक मशीन नहीं लगाई गई है।

सदर अस्पताल में डायलिसिस सुविधा की वर्षों से योजना है। सरकार द्वारा अन्य जिलों के अस्पतालों सहित सदर अस्पताल में डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। जिसके तहत की महीनों से डायलिसिस मशीन स्थापित करने के लिएजगह का निरीक्षण भी किया जा चुका है। लेकिन अबतक डायलिसिस सुविधा शुरू नहीं की गई है। सिविल सर्जन ने बताया कि डायलिसिस के संबंध में स्वास्थ्य मंत्री द्वारा पूछताछ की गई है। उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल में डायलिसिस सुविधा के लिए जगह चिन्हित कर लिया गया है। बीएमएसआईसीएल के कर्मी जगह का निरीक्षण भी कर चुके हैं। बीएमएसआईसीएल को ही डायलिसिस सुविधा बहाल करवाने की जिम्मेदारी है। लेकिन बीएमएसआईसीएल द्वारा अभी तक प्राक्कलन तक नहीं बनाया गया है। जिससे डायलिसिस सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। सिविल सर्जन ने फिर बीएमएसआईसीएल को पत्र देकर डायलिसिस सुविधा व्यवस्था शुरू करवाने को कहा गया है।

कोसी प्रमंडल के सदर अस्पताल में डायलिसिस सुविधा बहुत ही जरूरी है। सरकारी स्तर पर डायलिसिस सुविधा नहीं रहने से कोसी क्षेत्र के गरीब मरीजों को प्राइवेट क्लीनिक जाना पड़ता है। जिससे मरीज आर्थिक दोहन के शिकार हो रहे हैं। कोसी इलाके में लगभग सैकड़ों ऐसे मरीज हैं जिन्हें डायलिसिस सुविधा की दरकार है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा अबतक यह सुविधा बहाल नहीं की गई है।

सीटी स्कैन के लिए सिविल वर्क पूरा, नहीं लगी मशीन: सदर अस्पताल में सीटी स्कैन के लिए सिविल वर्क पूरा हो चुका है। बावजूद सीटी स्कैन मशीन भी अभी तक नहीं लगाया गया है। सरकार से एग्रीमेंट प्राप्त कंपनी के द्वारा सदर अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन लगाया जाना है। पीपीपी मोड में सीटी स्कैन लगाया जाना है।

बीपीएल को नि:शुल्क व अन्य को कम दर में सुविधा: पीपीपी मोड में लगने वाले सीटी स्कैन बीपीएल मरीजों को नि:शुल्क होगी। वहीं अन्य सामान्य मरीजों को बाजार से आधी से भी कम कीमत में सुविधा मिलेगी।

हाथ से लिखकर दी जाती अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट: सदर अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के नहीं रहने से अन्य मरीजों का अल्ट्रासाउंड सुविधा नहीं मिल रही हैं। गायनेकोलॉजिस्ट के रजिस्ट्रेशन पर सिर्फ प्रसृति महिलाओं का अल्ट्रासाउंड सुविधा दी जा रही है। गायनेकोलॉजिस्ट प्रभारी भी लंबी छुट्टी पर है। इधर टेक्निशियन के भरोसे अल्ट्रासाउंड चलाई जा रही है। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट हाथ से लिखकर दिया जाता है। जिस रिपोर्ट का अन्य अस्पताल में मान्यता नहीं दी जाती है।

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