दिन प्रति दिन चढ़ने लगी गर्मी तो बिजली की बढ़ी लोड
सहरसा में बढ़ती गर्मी के बीच बिजली की लोड बढ़ने लगी है। उपभोक्ताओं को गर्मी में बिजली की दिक्कत न हो, इसके लिए बिजली विभाग को तैयारी करनी चाहिए। जर्जर एलटी तारों और ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। गर्मी में बिजली खपत 20 से 22 मेगावाट तक पहुंच जाती है।

सहरसा, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में दिन प्रतिदिन बढ़तीं गर्मी के बीच बिजली की भी लोड बढ़ने लगी है उपभोक्ताओं को गर्मी में बिजली की दिक्कत न हो इसके लिए बिजली विभाग को तैयारी करने की जरूरत है। नगर निगम तहत कई जगहों पर एलटी तार जर्जर है। 10 वर्ष लगाई गई एलटी तार जर्जर बना हुआ है। जिससे गर्मी में अत्यधिक लोड पर जर्जर बिजली तार जलने और बिजली बाधित रहती हैं। नया बाजर, ओल्ड पीएसएस एवं पाॅलिटेक्निक पीएसएस से नगर निगम के उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जा रही है। तीनों पीएसएस तहत लगभग 45 हजार उपभोक्ताओं है। जिसमें नया बाजार पीएसएस तहत लगभग 20 हजार और ओल्ड पीएसएस व पाॅलिटेक्निक पीएसएस मिलाकर लगभग 25 हजार उपभोक्ता नियमित बिजली के आदि बन चुके हैं।
जिले में दिन प्रतिदिन गर्मी उठान पर है। तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार इस बार भी गर्मी का स्तर काफी अधिक रहने की संभावना है। बिजली विभाग के कर्मी के अनुसार मार्च महीने से ही बिजली के लिए पिक प्वाइंट शुरू हो जाता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति निर्बाध रूप से मिले इसके लिए बिजली विभाग को विशेष रूप से ध्यान रखना होगा। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि अभी से ही कभी कभार अचानक बिजली कट जाती है। हालांकि थोड़ी देर में आ भी जाती है। 120 एमएम केवल जरूरी: बिजली विभाग संबंधित जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि नगर निगम तहत अधिकांश जगहों पर जर्जर बिजली तार की जगह 120 स्क्वयार एमएम बिजली केवल लगाना जरूरी है। वही प्रत्येक बिजली पोल से दोहरी एलटी देने से उपभोक्ताओं को काफी को काफी राहत मिलेगी। जिससे कही लोड बढ़ने पर भी दिक्कत न हो। 2 सौ केवी सभी डीटीआर की क्षमता बढ़ने की जरूरत: शहर में जगह जगह लगे डीटीआर यानी डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। तीनों पीएसएस तहत लगभग 4 सौ ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। जिसमें सैकड़ों डीटीआर मात्र 2 सौ केवी का है। ऐसे में अधिक लोड बढ़ने पर आग लगने की अधिक संभावना रहती है। गर्मी में 20 से 22 मेगावाट बिजली होती खपत :जाड़े की अपेक्षा गर्मी में बिजली खपत अधिक बढ़ती है। प्रचंड गर्मी में एसी से लेकर पंखा चौबीसों घंटे चलते रहता है। जिससे गर्मी में बिजली खपत में अप्रत्याशित वृद्धि होती है। जानकारी अनुसार गर्मी में नगर निगम तहत लगभग 20 से 22 मेगावाट बिजली खपत होती है। हालांकि अभी लगभग 15 मेगावाट बिजली खपत हो रही है। जूनियर इंजीनियर की कमी पर मानव बल दर्जनों में: ओल्ड पीएसएस के जूनियर इंजीनियर ही पाॅलिटेक्निक पीएसएस के जेई के प्रभार में है। पालिटेक्निक पीएसएस के चालू होने से अबतक इस पीएसएस को अपना जेई नहीं मिला है। वैसे ओल्ड पीएसएस तहत क्षेत्र और उपभोक्ता अधिक है। इसके बावजूद पाॅलिटेक्निक पीएसएस क्षेत्र की देखभाल की जिम्मेदारी ओल्ड पीएसएस के जेई को दी गई है। वहीं मानव बल दर्जनों में है। मानव बल सहित लाइन मैन, एसबीओ यानी स्वीच बोर्ड ऑपरेटर कार्यपालक सहायक कार्यरत है। विभिन्न पीएसएस तहत फीडर : नया बाजार पीएसएस तहत नया बाजार, रिफ्यूजी कोलनी, न्यू कोलनी, ग्रामीण बरियाही, सदर अस्पताल व नवोदय स्कूल फीडर है। ओल्ड पीएसएस तहत कलेक्ट्रेट, टाउन वन, टू व र्थी, गंगजला वन, टू तीन, ग्रामीण पंचगछिया, बैजनाथपुर फीडर तथा पाॅलिटेक्निक पीएसएस तहत पाॅलिटेक्निक, तिवारी टोला, यादव चौक, इंजीनियरिंग फीडर शामिल हैं। कहते कार्यपालक अभियंता : गर्मी के मद्देनजर 40 ट्रांसफार्मर बदल दिया गया है। कई ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाया जा रहा है। कई जगहों पर तार भी बदला जा रहा है। ई अमित कुमार, कार्यपालक अभियंता बिजली
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