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10 अगस्त, 2020|3:22|IST

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एक बार फिर ट्रेनों से घटेगी कोसी व मिथिला की दूरी

एक बार फिर ट्रेनों से घटेगी कोसी व मिथिला की दूरी

सहरसा से सरायगढ़ स्थित रेल महासेतु (कोसी पुल) होते आसनपुर कुपहा व राघोपुर के लिए अगस्त से ट्रेन चलेगी। कुपहा तक टे्रन चालू होने से मिथिला और नजदीक हो जाएगा। रेलवे तैयारी तेज कर दी है।

ट्रेन परिचालन शुरू कराने को लेकर की जा रही तैयारी का जायजा लेने सोमवार को मुख्यालय व मंडल अधिकारियों की अलग-अलग टीम पहुंची। निरीक्षण के बाद मुख्य प्रशासनिक अधिकारी उत्तर ब्रजेश कुमार ने कहा कि सरायगढ़ से रेल महासेतु (कोसी पुल) आसनपुर कुपहा तक आमान परिवर्तन कार्य लगभग पूरा हो गया है। सरायगढ़ से राघोपुर तक आमान परिवर्तन कार्य जुलाई में पूरा कर लिया जाएगा। सरायगढ़ से रेल महासेतु होते आसनपुर कुपहा और सरायगढ़ से राघोपुर तक जुलाई में ही सीआरएस निरीक्षण होगा। रिपोर्ट के आधार पर रेलवे बोर्ड ट्रेन परिचालन शुरू करने के संबंध में निर्णय लेगा। अगस्त से सरायगढ़ से रेल महासेतु होते आसनपुर कुपहा और सरायगढ़ से राघोपुर तक ट्रेन परिचालन शुरू होने की उम्मीद है। सीटीपीएम दिलीप कुमार ने कहा कि ट्रेन परिचालन को लेकर तैयारी निरीक्षण में ठीक ठाक मिला। आसनपुर कुपहा और सरायगढ़ से राघोपुर तक वन ट्रेन वनली सिस्टम के तहत ट्रेन परिचालन शुरू करने का प्लान है। निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर एके राय, डिप्टी चीफ इंजीनियर डीएस श्रीवास्तव थे।

पुल पर किस गति से ट्रेन चलाई जाय टीम करेगी रिपोर्ट : सीएओ ने कहा कि झंझारपुर-तमुरिया रेलखंड में स्थित दो पुलों का आरडीएसओ लखनऊ की टीम ने निरीक्षण किया है। चार से पांच सदस्यीय की दो अलग-अलग विशेषज्ञों की टीम बीते रविवार और उससे पहले पहुंचकर पुलों को देखकर गई है। विशेषज्ञों की टीम दोनों पुल पर किस गति से ट्रेन चलाई जाय उसे तय करते सीआरएस को रिपोर्ट करेगी। इसके बाद सीआरएस का निर्णय आएगा। उधर, समस्तीपुर मंडल के डीआरएम अशोक माहेश्वरी ने सरायगढ़ से राघोपुर तक आमान परिवर्तन कार्य का निरीक्षण किया। निर्माण कार्य की देखरेख करने वाले डिप्टी चीफ इंजीनियर निर्माण संजय कुमार से आवश्यक जानकारी ली। डीआरएम सुपौल से राघोपुर तक मोटर ट्रॉली से निरीक्षण करते गए। उनके साथ सीनियर डीसीएम सरस्वती चन्द्र, सीनियर डीईएन को-आर्डिनेशन आरएन झा, सीनियर डीएमई रवीश रंजन, एसी एके लाल, पीए पप्पू शर्मा, एडीईएन मनोज कुमार आदि थे।

कोसीवासियों का सपना होगा पूरा : रेल महासेतु पर ट्रेन दौड़ने का कोसीवासियों का सपना जहां 85 साल बाद पूरा होगा, वहीं इस पुल के रास्ते कम समय में मिथिलांचल से जुड़ने का मार्ग प्रशस्त होगा।

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  • Web Title:Once again the distance between Kosi and Mithila will be reduced by trains