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28 जनवरी, 2021|1:42|IST

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नए साल का जश्न हुआ शुरू

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सहरसा | एक संवाददाता

पूजा अर्चना और पिकनिक के साथ नए साल की शुरुआत होगी। कोरोना की वजह से इस बार नजदीकी पड़ोसी देश नेपाल के अलावा देश के सिलीगुड़ी, दार्जलिंग सहित अन्य टूरिस्ट प्लेस पर जाना दुष्कर साबित हो रहा है।

अधिकांश लोग धार्मिक स्थलों मां उग्रतारा, रक्तकाली सहित अन्य मंदिरों में पूजा अर्चना कर बलुआहा स्थित कोसी नदी, वीरपुर बराज, मत्स्यगंधा झील, जयप्रकाश उद्यान सहित अन्य जगहों पर पिकनिक मनाने के मूड में हैं। 2020 की कई खट्टी यादों को भुलाकर नए साल का स्वागत देर रात 12 बजे से मैसेज आदान प्रदान और फोन के जरिए हैप्पी न्यू ईयर बोलने के साथ शुरू हो गया है। वर्ष 2021 के स्वागत की तैयारियां जोरों पर है। शहर के नजदीक वाले जयप्रकाश उद्यान, संजय पार्क, मत्स्यगंधा जैसे पिकनिक स्थल पर कैसे पिकनिक मनाई जाय उसके लिए लोग एक दिन पूर्व गुरुवार को प्लान बनाते रहे। हालांकि हर साल की तरह इस साल भी अधिकांश लोग विभिन्न मंदिरों में पूजा कर नए साल की शुरूआत करने की मूड में है। वैसे इस बार लोग सुख, शांति, समृद्धि के साथ कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से निजात पाने की मन्नत मांगेंगे। वहीं नए साल के जश्न को हुड़दंगी कहीं फीका ना कर दें उस पर नकेल कसने की पुलिस प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है।

युवाओं की तैयारियां पूरे शबाब पर है। अधिकांश युवा बलुआहा, कोसी बैरेज जैसे स्थान पर जाने के लिए पैकिंग करने में व्यस्त है। आरजेएम कॉलेज की छात्रा खुशबू कुमारी ने बताया कि शहर में एक भी ढंग का पिकनिक स्पॉट नहीं रहने के कारण बलुआहा पुल का रूख पिकनिक मनाने के लिए परिवार के साथ कर जाते हैं।

एमएलटी कॉलेज के छात्र मोहन कुमार ने कहा कि इस बार नेपाल में माहौल अस्तव्यस्त रहने के कारण काठमांडू या विराटपुर घूमने के लिए नहीं जाएंगे। बलुआहा पुल या किसी मंदिर में पूजा अर्चना कर नए साल की शुरूआत करेंगे।

तीस वर्ष से अधिक के युवाओं मानना है कि पिकनिक स्थलों पर अब हुंड़दंग होता है, लिहाजा वे लोग अब मंदिरों में जाने की योजना बना रहे हैं। कई शहरवासी परिवार सहित संजय पार्क व जयप्रकाश पार्क में आनंद उठाएंगे।