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जानलेवा गड्ढे में आवाजाही बनी मजबूरी

हिन्दुस्तान टीम,सहरसाNewswrap
Sat, 20 Apr 2019 01:25 AM
जानलेवा गड्ढे में आवाजाही बनी मजबूरी

कब तक जानलेवा गड्ढों के बीच चलने को लोग मजबूर रहेंगे। जब जिले में राष्ट्रीय उच्चपथ का यह हाल है तो अन्य सड़कों का क्या हाल होगा।चुनावी वर्ष में लोगों को उम्मीद थी कि जर्जर सड़क से लोगों को निजात मिलेगी। लेकिन स्थिति और विकट हो गयी है। सहरसा-मधेपुरा के बीच एनएच 107 में चलना मुश्किल हो गया है। अब यह पता ही नहीं चलता है कि सड़क है कि यह गड्ढा है।

इसके मरम्मति के प्रति ना तो प्रशासन अपनी सजगता दिखा रही है और ना ही जनप्रतिनिधि ही इसके लिए कुछ कर रहे हैँ। लोगों का कहना है आखिर कब तक टू लेन की आस में जनता दुर्घटना के शिकार होते रहेंगे। अगर आप एनएच 107 सहरसा मधेपुरा मुख्य मार्ग पर चल रहे हैं, तो सतर्क रहें। क्योंकि आप कभी भी कहीं भी दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं। हल्की सी बारिश में भी बैजनाथपुर चौक बी पी मंडल के पास बीच सड़क में दो से ढाई फीट पानी लग जाता है।

जिससे सड़क पर आवाजाही करने वाले लोगों को काफी परेशानियां होती है। कुछ महीनों पूर्व बैजनाथपुर के स्थानीय लोगों व आसपास के नेता के द्वारा एनएच 107 की मरम्मति के लिए अनशन भी किया गया था लेकिन अधिकारी के आश्वासन के बाद सड़कों का हाल ज्यों का त्यों हुआ है। लोगों में पहले आस जगी थी कि चुनाव तक सड़क बन कर तैयार हो जाएगा या फिर मरम्मत हो जाएगी। लेकिन चुनाव समाप्त होने को है फिर भी एनएच 107 पर 1 से 3 फीट गड्ढा बन गया है। जिससे चार चक्का, तीन चक्का वाहन वालों को काफी परेशानियां होती है। क्योंकि इनका इंजन काफी नीचे रहता है जो कहीं सड़क में सट जाता है। जिससे वाहन की क्षति तो होती ही है। उस पर बैठे लोगों को ही काफी परेशानी होती है।

हाल के दिनों में हुए बारिशों से बैजनाथपुर बीपी मंडल चौक के चारों साइड में पानी लग जाने से बैजनाथपुर चौक पर हाट आने वालों लोगों की काफी परेशानी हो रही थी। ना तो इन चौकों पर कहीं नाला का इंतजाम किया गया है जिससे पानी का बहाव किया जा सके और ना ही प्रशासन की ओर से इन गड्ढों को भरने की कोई उपाय लगाई गई है। दिनोंदिन इन सड़कों पर कई तरह के हादसा होते रहते हैं लेकिन प्रशासन का नींद अभी भी नहीं खुली है।

जनप्रतिनिधियों की क्या कहे वह तो इन सड़कों को छोड़कर अब उड़न खटोला से ही चुनाव प्रचार कर रहे हैं उन्हें क्या पता की इन सड़कों पर चलने वाले लोगों को क्या परेशानियां होती होगी।

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