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अग्निपरीक्षा देने के साथ मिथिला का पर्व मधुश्रावणी हुआ संपन्न

महिषी/कहरा, एक संवाददाता । रविवार को अग्निपरीक्षा के प्रतीक टेमी के साथ नवब्याहताओं...

अग्निपरीक्षा देने के साथ मिथिला का पर्व मधुश्रावणी हुआ संपन्न
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,सहरसाMon, 01 Aug 2022 12:31 AM
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महिषी/कहरा, एक संवाददाता । रविवार को अग्निपरीक्षा के प्रतीक टेमी के साथ नवब्याहताओं का पवित्र मधुश्रावणी का त्योहार सम्पन्न हुआ। नाग पंचमी से शुरू मधुश्रावणी के अंतिम दिन नवब्याहता अपने ससुराल से आये परिधानों सहित आभूषणों को पहन तथाकथित सोलहो श्रृंगार कर पूजन किया। सुबह से ही नवब्याहताओं के घरों में तैयारी की चहल पहल बनी रही। सुबह से ही विभिन्न घर आंगनों से महिलाओं द्वारा त्योहार से जुड़े लोक भक्तिगीतों की आवाज से सम्पूर्ण वातावरण गुंजायमान हो रहा था। अंतिम दिन पति के साथ नवब्याहताओं ने नए मैना के पत्ता पर नए मिट्टी के हाथी पर गौरी के साथ मिट्टी के बने नए नाग नागिन की पूजा की। अंतिम दिन कथकहनियों द्वारा राजा सुवर्ण, चन्द्रकर, राजा कीकर आदि की कहानी कही गयी। कोहबर घर में पूजे गए पुराने फूलों सहित मैना के पत्ते, मिट्टी के बने नाग नागिन, हाथी आदि को हटाकर नए मैना के पत्तों पर नए नाग नागिन सहित अन्य देवताओं को स्थापित कर पूजन किया गया। शनिवार की देर शाम मधुश्रावणी पूजन कर रही नवब्याहताओं के लिए गौरी का निर्माण भी किया गया। उसके बाद ससुराल से आये टेमी को जलाकर व्रतियों के ठेंघुना पर दागा गया। इसे लोग पुराने जमाने में होने वाले अग्निपरीक्षा का अल्प रूप मानते है।

इधर कहरा में टेमी के साथ ही नवविवाहित महिलाओं द्वारा पूजे जाने बाली 14 दिवसीय मधुश्रावणी पर्व रविवार को सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर ससुराल पक्ष द्वारा अपने सामर्थ्य के अनुसार शनिवार के शाम पुत्रवधु के लिए जेवरात, परिवार सहित परिजनों के लिए वस्त्र, मिठाई, मिट्टी से बनाया नाग-नागिन, रंग विरंगी फूल सहित अन्य समान भांर में भेजा गया।ससुराल से ही आए गाय के घी में भिंगोए टेमी से बिधकरी द्वारा पूजनेवाली नवविवाहित महिला के दोनों ठेहुना एवं पैर में दागा गया। लोगों का मानना है कि दागे गए जगह शीघ्र हुए फफोला अमर सुहाग की निशानी होता है। इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं का भोज भी किया गया।

यह बतादे कि सावन माह के कृष्ण पक्ष के नाग पंचमी से शुरू यह पर्व शुक्ल पक्ष के तृतीया के दिन समापन किया जाता है।

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