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सरकारी बैंकों में ताला लटका, परेशानी

सरकारी बैंकों में ताला लटका, परेशानी

ग्रामीण बैंक को छोड़कर सभी सरकारी बैंकों के कर्मी मांगों के समर्थन में बुधवार से दो दिनों के हड़ताल पर चले गए हैं। इससे हाहाकार मच गया है। लोग बैंक तक पहुंचकर खाली हाथ वापस घर लौट रहे है। रूपये जमा-निकासी, ट्रांसफर, ड्राफ्ट बनाने सहित अन्य कार्य ठप हो गया है। हालांकि ग्रामीण बैंक, निजी बैंक आईसीआईसीआई, एक्सिस, एचडीएफसी, बंधन बैंक खुल रहने से लोगों को कुछ राहत मिली है। एसबीआई मुख्य शाखा में तालाबंदी कर पदाधिकारी और कर्मियों ने वेज रिविजन सहित अन्य मांगों को लेकर नारेबाजी की।

भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ के आंचलिक कार्यकारिणी सदस्य कौशल किशोर झा ने कहा कि यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर 31 मई तक हड़ताल जारी रहेगा। बैंक कर्मियों की मांग है कि वेतन में दो प्रतिशत की नगण्य वृद्धि में संशोधन कर उसे बढ़ाया जाए। सिर्फ स्केल तीन तक के अधिकारियों तक ही सीमित सुविधाओं को स्केल सात तक किया जाए। 11 वें वेतन समझौता, सेवा में सुधार व पांच दिनी कार्यदिवस की मांगों केा पूरा किया जाए। हड़ताल में शामिल कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय सचिव विपुल कुमार सिंन्हा, केंद्रीय प्रतिनिधि मदनेश्वर प्रसाद सिंह, इकाई सचिव सुमन कुमार सुमन, अमरेन्द्र कुमार, रवि राज, अविनाश, अमित, कुमार अमित, प्रशांत कुमार गौरव, संतोष कुमार सिंह, परमेश्वर चौधरी, अधिकारी संघ के क्षेत्रीय सचिव रामवतार मंडल, अरविन्द कुमार चौधरी, अजय झा, बी के सोरेन, चंद्रशेखर कुमार, अनिल कुमार खां, ललित कुमार सिन्हा, अनिल झा ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जारी रहेगा।

पांच किलोमीटर दूर से आकर निराश लौटे बुजुर्ग ग्राहक: शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर पटुआहा गांव से आकर एसबीआई मुख्य शाखा बंद देख निराश हो बुजुर्ग ग्राहकों को लौटना पड़ा। सेवानिवृत कर्मी 68 वर्षीय लालकुंज शर्मा अपनी पत्नी आशा देवी व पुत्र अखिलेश शर्मा के साथ रुपए निकासी के लिए आए थे। उन्होंने कहा कि अब घर का काम रुपए नहीं मिलने से कैसे होगा। सेवानिवृत कर्मी मो. इकबाल भुट्टो ने कहा कि सुबह 10 बजे से चक्कर काट रहे कहीं भी बैंक बंद होने का नोटिस नहीं चिपकाया गया है।

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  • Web Title:Lock in government banks, trouble