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लैब टेक्नीशियन की हड़ताल से मरीज हुए बेहाल

लैब टेक्नीशियन की हड़ताल से मरीज हुए बेहाल

सरकार के निर्णय के विरोध में जिले के पैथोलॉजी में काम करने वाले लैब टेक्नीशियन गुरुवार से एक सप्ताह के लिए हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के कारण जांच के लिए मरीज भटकते रहे।

ऑल इंडिया लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नंद किशोर प्रसाद ने कहा कि हड़ताल के कारण जिले में सभी लैब पूरी तरह बंद रहे। पीएचसी तक में जांच कार्य बाधित रहा। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में काम करने वाले टेक्नीशियन के रिपोर्ट को मान्यता दी जाती है। लेकिन निजी लैब में काम करने पर उस रिपोर्ट को अवैध कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि सरकारी की दोहरी नीति के खिलाफ एक सप्ताह शुरू किया गया है। स्वास्थ्य विभाग अगर जल्द मामले में संज्ञान नहीं लेता है तो आगे अनिश्चिकालीन आंदोलन किया जायेगा। संघ के सदस्यों ने पैथोलॉजी बंद करने के निर्णय को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि इससे सैकड़ों परिवार के समक्ष भुखमरी की स्थिति पैदा हो जाएगी।

इससे पूर्व शिष्टमंडल में शामिल सदस्यों ने सिविल सर्जन डा. शैलेन्द्र कुमार गुप्ता के समक्ष अपनी मांग रखी। मौके पर प्रमंडलीय संयोजक राजकुमार, सचिव योगेश शंकर, उपसचिव इस्माईल, अतिश सृजन, दिनेश, संतोष जायसवाल, मुकेश पाठक, चंदन वर्मा, नौशाद, मनोज कुमार, विकास कुमार सहित अन्य थे।

कहते हैं सिविल सर्जन: सिविल सर्जन डा. शैलेन्द्र कुमार गुप्ता ने बताया कि राज्य सरकार के द्वारा मानक पूरा नहीं करने वाले 89 पैथोलॉजी को नौ सितंबर तक बंद कर 10 सितंबर को रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है। सरकार के निर्देश को पूरी तरह लागू किया जाएगा।

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  • Web Title:Lab technician strike stays patient