
सीपेज के पानी में बढ़ोतरी से तटबंध के बाहर बाढ़ सी हालात
कोसी नदी के सीपेज के कारण नवहट्टा के खेतों में जलभराव हो गया है। पानी की वृद्धि से सैकड़ों एकड़ धान और मखाना की फसल बर्बाद हो रही है। किसान मदद की गुहार लगा रहे हैं और जिला प्रशासन से फसल सहायता राशि की मांग कर रहे हैं। जलभराव के कारण उन्हें फसल काटने में भी परेशानी हो रही है।
नवहट्टा, एक संवाददाता। कोसी पूर्वी तटबंध के पूर्वी हिस्से में कोसी नदी के सीपेज से बड़ी मात्रा में पानी निकलने लगा है। कोसी तटबंध के सीपेज से निकलने वाली पानी को समुचित व्यवस्था से निकासी को लेकर बनाई गई बुढ़िया चौभड्डा ड्रेनेज सिस्टम के जगह जगह क्षतिग्रस्त हो जाने से पानी ड्रेनेज में निकलने के बजाय तटबंध के बाहर सैकड़ों एकड़ खेतों में जलभराव का रुप ले लिया है। अचानक से बीते चार दिनों से सीपेज के पानी में आई बेतहाशा वृद्धि से कासीमपुर, नवहट्टा नगर पंचायत, खड़का तेलवा पंचायत, मुरादपुर पंचायत व चंद्रायण पंचायत के सैकड़ों एकड़ जमीन को जलमग्न कर दिया है।

बड़े पैमाने पर अचानक से जलभराव में हुई वृद्धि की जद में धान व मखाना फसल बर्बाद हो रहा है। लगभग तैयार हो चुके धान का फसल खेतों में पानी के बहाव की जद में आने से रातों रात डुब गया है। तटबंध के बाहर बसे सभी पंचायतों के अधिकांश खेतों में बाढ़ सी हालात बन गया है। जिस धान की फसल को देखकर किसान खुश हो रहें थे उसी फसल को पानी में डुबते हुए देखकर किसानों में मायुसी छा गई है। नाव पर चढ़ कर किसी तरह धान की पकी हुई बालियों को काटने की जद्दोजेहद में जुटे किसानों को मजदूर भी उपलब्ध नहीं हों पा रहा है। सप्ताह भर पहले जिस खेंत में पानी नही होने के कारण किसान पांव पैदल जाया करते थे उसी खेंत तक पहुंचने के लिए सिर्फ नाव ही एक मात्र सहारा बन गया है। बड़े पैमाने पर धान का फसल डुबने से परेशान किसान सरकार व प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। धान की तैयार फसल डुबने के बाद मखाना फसल जो तैयार हो कर पानी के नीचे बैठ गया था जिसे निकालने को लेकर मजदूर बीते महीनों से जुटे हुए थे। उस खेंत में अचानक से पानी बढ़ जाने के बाद फसल नहीं निकाल पाने में दुखी हो रहें हैं। पानी की लगातार बढ़ोतरी से किसानों में मखाना खेंत में छुट जाने का डर समा गया है। पूल पुलिया से बड़े पैमाने पर हों रही पानी के बहाव को देखा किसानों में मायुसी छा गई है। तैयार हो चुके धान व मखाना फसल की हों रही बर्बादी से मायुस किसान नारायण सिंह, जमशाद आलम खां, त्रिलोक नाथ पासवान, भोलन सिंह, प्रेम प्रकाश मिश्रा सहित अन्य किसानों ने तत्काल प्रभाव से बड़े पैमाने पर क्षतिग्रस्त हो चुके धान व मखाना फसल का जिला प्रशासन द्वारा भौतिक नीरीक्षण कर किसानों को फसल सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।

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