कोसी में पानी बढ़ा है पर स्थिति भयावह नहीं: डीएम

कोसी में पानी बढ़ा है पर स्थिति भयावह नहीं: डीएम

संक्षेप:

नेपाल में हो रही भारी बारिश के कारण कोसी बराज से पानी का डिस्चार्ज बढ़ गया है, जिससे बाढ़ की आशंका है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है और बाढ़ की स्थिति में राहत कार्यों की तैयारी की गई...

Oct 06, 2025 04:10 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सहरसा
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महिषी, एक संवाददाता । नेपाल में हो रहे लगातार भारी वर्षा के कारण रविवार को कोसी बराज से पानी का डिस्चार्ज काफी बढ़ गई है, जिससे आने वाले बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी दिन भर क्षेत्र में सक्रिया देखे गए। डीएम दीपेश कुमार ने बलुआहा पहुंच कोसी बांध सहित सम्भावित बाढ़ के स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बलुआहा में तैनात जल संशाधन के एसडीओ विक्रांत कुमार से स्थिति की जानकारी लेते उन्हें तैनात रहने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि नेपाल क्षेत्र से अब पानी घटने की सूचना मिल रही है। उन्होंने रात में अधिकारियों के अलर्ट रहने की जानकारी देते बताया कि प्रशासन द्वारा माइकिंग के माध्यम से सावधान रहने को कहा गया है।

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उन्होंने कहा कि बाढ़ आने की स्थिति में लोगों को हर सम्भव सुविधा उपलब्ध कराने के प्रति भी प्रशासन की तैयारी है। लोगों को दहशत में नहीं आना है। मौके पर सदर एसडीओ श्रीयांश तिवारी, एसडीपीओ आलोक कुमार, महिषी थानाध्यक्ष जयशंकर कुमारमौजूद थे। इससे पहले एडीएम आपदा संजीव कुमार चौधरी व जिला स्तरीय अन्य अधिकारी, सीओ अनिल कुमार, आरओ मनीषा कुमारी सहित जल संसाधन विभाग के चन्द्रायण डिवीजन के कार्यपालक अभियंता आलोक कुमार सहित अन्य कोसी नदी के पानी एवं तटबंध की सुरक्षा को देखते रहे। सीओ ने कई गांव में जाकर लोगों को आने वाली बाढ़ को ध्यान में रखते हुए एलर्ट मोड में रहने के प्रति जागरूक भी किया। सीओ ने रविवार को अंचल कार्यालय में सभी राजस्वकर्मचारी व आपदा मित्र के साथ बैठक कर सम्भावित बाढ़ को देखते क्षेत्र में रहकर सभी जरूरतमंद लोगों तक हर तरह के सरकारी मदद पहुंचाने के लिए तैयार रहने का सख्त निर्देश दिया। बाढ़ को लेकर अंचल द्वारा की गई तैयारी के संबंध में आरओ ने बताया कि बाढ़ के स्थिति में फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने के लिए 45 निबंधित नाव, 4 हजार पॉलीथिन सीट, प्रभावित लोगों के भोजन की व्यवस्था हेतु करीब 50 स्थलों को सामुदायिक किचन सह आश्रय स्थल के रूप चिन्हित किया गया है। अंचल के सभी 34 आपदा मित्रों को अपने क्षेत्र में एलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ सहायता राशि हेतु तैयार जीआर सुची में प्रभावित सभी ग्यारह पूर्ण व चार आंशिक प्रभावित पंचायत के 27888 परिवार की सुची तैयार है। बाढ़ के दौरान सुरक्षित आश्रय हेतु क्षेत्र में छ: बाढ़ आश्रय स्थल भी है। सीओ सह बीडीओ ने बताया कि बाढ़ आपदा को देखते हुए अंचल व प्रखंड सहित मनरेगा, आंगनबाड़ी सेविका के अवकाश को रद्द कर दिया गया है और सभी कर्मियों को अपने कार्य क्षेत्र में बने रहने का निर्देश दिया गया है। वहीं जल संसाधन विभाग के सभी अधिकारी भी तटबंध पर सतत निगरानी में लगे हुए हैं। तटबंध के अंदर जलस्तर में वृद्धि, अधिकारी कर रहे लगातार निरीक्षण: सिमरी बख्तियारपुर, एक प्रतिनिधि। लगातार हो रही बारिश और कोसी बराज से छोड़े जा रहे पानी ने एक बार फिर सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटबंध के अंदर बसे क्षेत्रों में जलजमाव और संभावित बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। स्थिति को देखते हुए अनुमंडल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी के निर्देश पर सिमरी बख्तियारपुर एसडीओ आलोक राय ने शनिवार को पूर्वी कोसी तटबंध का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बांधों की सुरक्षा व्यवस्था, जलस्तर की स्थिति और आपातकालीन तैयारी का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अभियंताओं को कमजोर स्थलों पर विशेष निगरानी रखने और किसी भी स्थिति में तत्पर रहने का निर्देश दिया। एसडीओ ने कहा कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। तटबंध पर कई स्थानों पर रोशनी के लिए बल्ब भी लगाया गया है। इधर, बीडीओ जयकिशन ने भी पूर्वी कोसी तटबंध का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बीडीओ ने निर्देश दिया कि आपदा की स्थिति में लोगों के ठहराव, भोजन, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।