DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   बिहार  ›  सहरसा  ›  तत्पर रहते तो सहरसा जिले में होता आश्रय गृह
सहरसा

तत्पर रहते तो सहरसा जिले में होता आश्रय गृह

हिन्दुस्तान टीम,सहरसाPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 06:40 AM
तत्पर रहते तो सहरसा जिले में होता आश्रय गृह

सहरसा | रंजीत

अगर जिला प्रशासन तत्परता दिखाती तो सहरसा में भी वृहत आश्रय गृह रहता। वृहत आश्रय गृह के लिए पांच एकड़ जमीन का चयन कर समाज कल्याण विभाग पटना को प्रस्ताव नहीं भेजने के कारण सहरसा इस सुविधा से वंचित है।

पड़ोसी जिले सुपौल में जिला प्रशासन के स्तर से जमीन उपलब्ध कराए जाने के बाद वृहत आश्रय गृह निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। सुपौल में वृहत आश्रय गृह निर्माण के लिए बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड सहरसा ने निविदा(टेंडर) भी आमंत्रित कर दिया है। निगम के डीजीएम शिवानंद ने कहा कि 34 करोड़ राशि की लागत से सुपौल के चैनसिंह पट्टी में राजकीय बीज गणन प्रक्षेत्र कृषि विभाग की हस्तांतरित पांच एकड़ जमीन पर वृहत आश्रय गृह निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित किया जा चुका है। निविदा फाइनल करते कार्यएजेंसी बहाल करने के लिए 45 दिनों की अवधि निर्धारित की गई है। कार्यएजेंसी बहाल होने के बाद डेढ़ साल में वृहत आश्रय गृह निर्माण का कार्य पूरा होगा। उल्लेखनीय है कि वृहत आश्रय गृह में प्लेस ऑफ सेफ्टी, पर्यवेक्षण गृह को छोड़कर अन्य सभी प्रकार के गृह एक ही छत के नीचे रहेंगे। वृहत आश्रय गृह में बाल गृह, बालिका गृह, दत्तक ग्रहण संस्थान, अल्पावास गृह, वृद्धाश्रम, भिक्षुक गृह, उत्तर रक्षा गृह, पार्क, खेलने का मैदान, स्टाफ क्वार्टर, दस बेड का अस्पताल सहित अन्य सुविधाएं रहेगी। वृहत आश्रय गृह का संचालन जिला बाल संरक्षण ईकाई के जिम्मे रहेगा। एक ही जगह सारे गृह संचालित होने पर किराए के मकान में संचालन की समस्या दूर होगी। सभी गृह को अलग-अलग संचालित करने में आने वाली दिक्कतें दूर होगी।

कोसी आयुक्त से स्वीकृति के बाद निदेशक ने गृह निर्माण शीघ्र शुरू करने को लिखा : सुपौल के चैनसिंह पट्टी में कृषि विभाग की पांच एकड़ जमीन को वृहत आश्रय गृह के लिए कोसी प्रमंडलीय आयुक्त राहुल रंजन महिवाल से स्वीकृति मिलने के बाद समाज कल्याण विभाग पटना के निदेशक ने गृह निर्माण को लेकर प्रयास तेज कर दिया है। समाज कल्याण विभाग पटना के निदेशक राज कुमार ने बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड पटना के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर प्रस्तावित जमीन पर शीघ्र वृहत आश्रय गृह निर्माण शुरू करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा है।

फाइल में सिमटा वृहत आश्रय गृह के लिए जमीन ढूंढने का मामला : सहरसा में वृहत आश्रय गृह के लिए जमीन ढूंढने का मामला फाइल तक सिमटकर रह गया है। बीते दिसंबर माह में ही सहरसा के बदले सुपौल में आश्रय गृह शीर्षक से खबर छपने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि ने उसे संज्ञान में लिया। जिला प्रशासन के अधिकारी भी हरकत में आए। जमीन ढूंढने का प्रयास शुरू हुआ पर धीरे-धीरे यह शिथिल पड़ गया। स्थिति यह है कि पांच माह बीत जाने के बाद भी प्रशासन जमीन नहीं ढूंढ पाया है। उल्लेखनीय है कि जमीन नहीं मिलने के कारण कोसी प्रमंडलीय मुख्यालय को छोड़कर वृहत आश्रय गृह के लिए सुपौल जिले में जमीन ढूंढी जाने लगी। इधर अपर समाहर्ता विनय कुमार मंडल ने कहा कि वृद्धाश्रम के लिए जमीन का चयन किया गया है। वृहत आश्रय गृह के लिए जमीन चयन की स्थिति क्या है उस संबंध में पता करते हैं।

जिला प्रशासन ने जमीन चयन संबंधित नहीं भेजा है प्रस्ताव : समाज कल्याण विभाग के निदेशक राज कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री बाल आश्रय विकास योजना के अंतर्गत वृहत आश्रय गृह निर्माण के लिए कोसी प्रमंडलीय मुख्यालय के जिले सहरसा में पांच एकड़ जमीन उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन को पत्र प्रेषित किया गया था। जिला प्रशासन के स्तर से वृहत आश्रय गृह के लिए पांच एकड़ जमीन उपलब्ध कराए जाने से संबंधित कोई प्रस्ताव अभी तक नहीं मिला है। अगर प्रस्ताव मिलता तो सहरसा में वृहत आश्रय गृह निर्माण की कार्रवाई की जाती। सुपौल में जिला प्रशासन के स्तर से वृहत आश्रय गृह के लिए नि:शुल्क जमीन उपलब्ध कराई गई है और वहां गृह निर्माण की कार्रवाई शीघ्र शुरू करने के लिए कहा गया है।

संबंधित खबरें