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नयी व्यवस्था से निर्बाध रूप से दौड़ेंगी विद्युत ट्रेनें

नयी व्यवस्था से निर्बाध रूप से दौड़ेंगी विद्युत ट्रेनें

रेलवे मानसी-सहरसा-पूर्णिया कोर्ट रेलखंड पर विद्युतीकरण व्यवस्था अब स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्वेजीशन) सिस्टम से कंट्रोल होगी। रेलवे ने इसके लिए कोर इलाहाबाद को स्काडा लगाने की अनुमति दे दी है। स्काडा सिस्टम लगने के बाद मानसी-पूर्णिया कोर्ट रेलखंड पर विद्युतीकरण व्यवस्था में किसी तरह के फॉल्ट आने पर समस्तीपुर से रिमोट से ऑटोमेटिक पावर कट हो जाएगा। पावर कट के बाद तुरंत फॉल्ट को दुरुस्त कर लिया जाएगा।

बताया जा रहा कि इस व्यवस्था के तहत दूसरे सिस्टम को ऑन कर देने से इलेक्ट्रिक ट्रेनों का परिचालन सुचारू रूप से होता रहेगा। छोटी सी छोटी खराबी होने पर भी फाल्ट लोकेट हो जाएगा। पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य अभियंता(विद्युत) राकेश कुमार तिवारी ने कहा कि स्काडा बेहतर कम्यूनिकेशन सिस्टम है। जिसके तहत रेलवे स्टेशन पर एसपी/एसएसपी सिस्टम रिमोर्ट से कंट्रोल होगी। समस्तीपुर से बैठे-बैठे अधिकारी व कर्मी रेल विद्युतीकरण व्यवस्था में आए फॉल्ट को दूर करेंगे।

मेंटेनेंस के लिए भी पावर कट वहीं से रिमोर्ट से करेंगे। इसका बड़ा फायदा यह होगा कि इलेक्ट्रिक ट्रेनों का परिचालन मानसी-पूर्णिया कोर्ट रुट पर सुचारू रूप से होगा। उन्होंने कहा कि मधेपुरा से आगे पूर्णिया कोर्ट तक स्काडा सिस्टम विद्युतीकरण कार्य के दौरान किया जाने लगेगा।

मधेपुरा स्थित ट्रैक्शन पावर सब स्टेशन का उपकरण भी समस्तीपुर से ही होगा ऑपरेट: स्काडा लगने के बाद मधेपुरा स्थित रेलवे के ट्रैक्शन पावर सब स्टेशन के सभी उपकरण समस्तीपुर कंट्रोल रूम से ही ऑपरेट होंगे। प्रमुख मुख्य अभियंता विद्युत ने कहा कि स्काडा लगने के बाद मधेपुरा के ट्रैक्शन पावर सब स्टेशन के उपकरण ऑपरेट करने के लिए कर्मी रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। समस्तीपुर से ही सबकुछ ऑपरेट कर लिया जाएगा। मेन पावर की भी बचत होगी।

नहीं लगेगा झटका : रेल विद्युतीकरण सेक्शन में अगर गलती से दूसरा सिस्टम ऑन हो जाएगा फिर भी स्काडा लगने के कारण झटका नहीं लगेगा। सिर्फ हल्की चिंगारी निकलती दिखेगी।

पांच से सात महीने में शुरू होगा कार्य : पांच से सात महीने में स्काडा लगाने का कार्य शुरू होगा। ईसीआर के प्रमुख मुख्य अभियंता विद्युत ने कहा कि मानसी-पूर्णिया कोर्ट रेलखंड पर कोर इलाहाबाद स्काडा सिस्टम लगाएगा। इस पर करीब आठ करोड़ रुपए खर्च आएंगे। यह कार्य पांच से सात महीने में शुरू होगा। स्काडा सिस्टम शुरू हो जाने के बाद इलेक्ट्रिक ट्रेनों के परिचालन में किसी भी तरह की रुकावट नहीं आएगी और फॉल्ट तुरंत पकड़ में आ जाएगा।

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  • Web Title:Electric trains run smoothly from new system