Duty of teachers to calm children s curiosity - बच्चों की जिज्ञासा शांत करना शिक्षकों का कर्तव्य DA Image
9 दिसंबर, 2019|3:51|IST

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बच्चों की जिज्ञासा शांत करना शिक्षकों का कर्तव्य

बच्चों की जिज्ञासा शांत करना शिक्षकों का कर्तव्य

बाल दिवस पर कन्या उच्च विद्यालय में चित्रकला, निबंध एवं रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई। डीएम डा. शैलजा शर्मा ने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करते कहा कि बच्चे हमारे एवं देश के भविष्य हैं। इनकी प्राथमिकता हीं हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।

बच्चे की रूचि जिस क्षेत्र के लिए परिलक्षित होती है उन्हें हमें उस दिशा में प्रोत्साहित करना चाहिए। बच्चों के जिज्ञासा को संतुष्ट करना शिक्षक और अभिभावक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि आज लड़कियां हर क्षेत्र मेंे आगे है। लेकिन लड़कियां अभी भी हिचक रखती हैं उसे तोड़े, वेवाक होकर अपनी बातें रखें। किसी भी क्षेत्र में कैरियर चुनना है तो उसमें अपनी सोच रखें। अगर लड़कियां आगे पढ़ना चाहे तो कुछ भी असंभव नहीं है। डीईओ ने बाल दिवस के आयोजन के महत्व के संबंध में बताया।

छात्राओं ने भी रखे अपने विचार : डीएम के अनुरोध पर कई छात्राओं में पुष्पा कुमारी, पल्लवी कुमारी, शालू प्रिया, एवं अन्य ने बाल दिवस के विषय में अपने विचार व्यक्त रखे। दसवीं कक्षा की रूपा कुमारी को डीएम ने बोलने के लिए प्रोत्साहित करते हुए हौसला आफजाई की। डीएम को टीचर्स ट्रेनिंग के प्रशिक्षुओं ने पुष्पगुच्छ भेंट किया। वहीं शालु, प्रकृति, नेहा, कोमल ने स्वागत गान के द्वारा डीएम का स्वागत किया।

पुरस्कार वितरित : चित्रकला में प्रथम राजकुमारी, द्वितीय दीपशिखा एवं तृतीय प्रगति कुमारी विजेता रही। निबंध प्रतियोगिता में पल्लवी ने प्रथम, अनन्या ने द्वितीय एवं नंदनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं रंगोली प्रतियोगिता में टीम लीडर के रूप में प्रथम सताक्षी कुमारी, द्वितीय काजल कुमारी एवं तृतीय नेहा कुमारी रही। इस मौके पर विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण सहित काफी संख्या में छात्राएं उपस्थित थे।

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