Hindi NewsBihar NewsSaharsa NewsDivine Raksha Bandhan Festival Celebrated in Saharsa Emphasizing Purity and Protection
पवित्र बनने और बनाने का यादगार पर्व है रक्षाबंधन

पवित्र बनने और बनाने का यादगार पर्व है रक्षाबंधन

संक्षेप:

सहरसा में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में रक्षाबंधन महोत्सव आयोजित हुआ। राजयोगिनी रानी दीदी ने कहा कि यह त्योहार पवित्रता और आत्म रक्षा का प्रतीक है। 300 भाई-बहनों ने स्व-रक्षक बनने...

Aug 04, 2025 01:24 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सहरसा
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सहरसा, निज संवाददाता। रविवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय बनगांव रोड स्थित शांति अनुभूति भवन में अलौकिक रक्षाबंधन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुजफ्फरपुर से आयी बिहार ब्रह्माकुमारीज़ सेंटर्स संचालिका राजयोगिनी रानी दीदी ने कहा रक्षाबंधन का त्योहार पवित्र बनने और बनाने का यादगार पर्व है। विश्व रक्षक परमपिता परमात्मा शिव इस कलियुगी पतित दुनिया में भारत के आबू पर्वत पर प्रजापिता ब्रह्मा के तन में अवतरित होकर सभी आत्माओं को सुख-शांतिमय जीवन बनाने के लिए आदेश देते हैं- पवित्र बनो, राजयोगी बनो। पवित्रता ही सुख-शांति की जननी है। वर्तमान समय में लोगों के मन विषय-विकारों से कलुषित हो गए हैं जिससे नारी शक्ति जो वंदनीय है, पूजनीय है; उनकी अस्मिता की सुरक्षा भी चुनौती हो गई है।

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ऐसे असुरक्षा के वातावरण में परमात्मा पिता सर्वप्रथम आत्मरक्षा के लिए प्रतिज्ञा कराते हैं। समाज के सभी वर्गों का आह्वान किया आइये, हम सब मिलकर स्व रक्षक, परिवार रक्षक, समाज रक्षक, देश रक्षक और विश्व रक्षक बनकर पवित्र समाज की स्थापना करें। बेतिया सेवाकेंद्र प्रभारी अंजना दीदी ने कहा हम जितना अपने मन को श्रेष्ठ विचारों, शुभ विचारों एवं परमात्मा की याद में व्यस्त रखेंगे हमारे मन की शक्ति बढ़ती रहेगी और हमारे चारों ओर सकारात्मक चिंतन का आभामंडल तैयार हो जाएगा। स्थानीय सेवाकेंद्र प्रभारी बीके स्नेहा बहन ने दीदी का स्वागत करते हुए कहा पावनता के यादगार पर्व रक्षाबंधन पर प्रतिवर्ष आपका पधारना सहरसा वासियों के लिए वरदानों की बारिश जैसा है। उन्होंने राखी का बड़ा सुंदर अर्थ बताते हुए कहा- आर अर्थात् रिस्पांसिबिलिटी-जिम्मेवारी, ए अर्थात् अवेयरनेस-जागरूकता, के अर्थात् काइंडनेस-दया भाव, एच अर्थात् ह्यूमिलिटी-नम्रता, आई अर्थात इंट्रोवर्टनेस-अंतर्मुखता। सबका जीवन स्वस्थ, सुरक्षित एवं खुशनुम: हो- यह दिल की शुभकामनाएं उन्होंने सब के प्रति अर्पित की। राजयोगिनी रानी दीदी ने सभी से स्व-रक्षक बनकर विश्व-रक्षक बनने की प्रतिज्ञा करवाई। पूरे जिले से 300 के लगभग भाई-बहनों ने प्रतिज्ञा की। नन्हीं बच्ची आद्या और चैतन्या ने स्वागत-नृत्य प्रस्तुत कर सभी को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम में अरविंद भाई, एनसीसी कमांडिंग आफिसर कर्नल रवि, पवन क्याल, अजीत डोकानिया, वार्ड पार्षद जयप्रकाश यादव, डॉक्टर सी. एम. चौधरी, महादेव भीमसरिया, ओम प्रकाश चौधरी, अवधेश भाई, शत्रुघ्न भाई सहित अन्य मौजूद थे।